कोरोना संकट के बीच ईरान ने मस्जिदों को लेकर लिया बड़ा फैसला

कोरोना संकट के बीच ईरान ने मस्जिदों को लेकर लिया बड़ा फैसला

दुनिया भर में छाए कोरोना संकट के बादल हटने का नाम ही नहीं ले रहे है. दुनिया भर में तेजी से कोरोना सं’क्रमितों की तादात बढ़ती जा रही है जो काफी चिंताजनक है. अधिकतर देशों ने कोरोना पर नियंत्रण के उद्देश्य से अपने यहां सभी संगठन, कार्यालय, ऑफिस और धार्मिक स्थल बंध कर रखे है सिर्फ आवश्यक और अनिवार्य चीजों की सर्विस जारी है. ज्यादातर देशों द्वारा लगातार लॉकडाउन के नियम कड़े किये जा रहे है वहीं ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है.

ईरान सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है. खबरों के अनुसार ईरान सरकार ने अपने यहाँ पर स्थित सभी प्रमुख शिया धर्मस्थलों को फिर से खोलने का बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत मशद की इमाम रेज़ा और क़ोम में हज़रत मासूमी की मस्जिद को फिर से खोला जाएगा.

आपको बता दें कि कोविड-19 महामारी के चलते ईरान में लगभग सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया था. मशद की इमाम रेज़ा और क़ोम में हज़रत मासूमी की मस्जिद भी लगभग दो महीने से बंद थी.

ईरान के इस फैसले के बाद कुछ मस्जिदों को खोला जाएगा हालांकि सरकार ने साफ किया है कि श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को मस्जिद की मुख्य इमारत के अंदर नहीं आने दिया जाएगा वह सिर्फ मस्जिदों के आंगन तक पहुँच सकते हैं. साथ ही इस दौरान लोगों को सोशल डिस्टेन्सिंग और साफ़ सफ़ाई का खास तौर पर ध्यान रखना होगा.

ईरान सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक सभी मस्जिदें सूर्योदय के करीब एक घंटे बाद खोली जाएगी और सूर्य अस्त से एक घंटे पहले मस्जिदों को बंद करना होगा. आपको बता दें कि इससे पहले ईरान में अधिकांश मस्जिदों को दिन के 24 घंटे तक खोलने की अनुमति रहती थी.

आपको बता दें कि ईरान में अब तक महामारी कोरोना वायरस के चलते एक लाख 35 हज़ार केस दर्ज किये जा चुके है वहीं 7,400 लोग कोरोना वायरस के चलते दुनिया को अलविदा कर गए. कोरोना वायरस ईरान के क़ोम शहर में बहुत तेजी के साथ फैला था फरवरी तक स्थितियां और भी गंभीर होने लगी थी.

इतना ही नहीं फ़रवरी के दूसरे सप्ताह में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे लेकर चिंता भी जाहिर करते हुए कहा कि ईरान कोरोना महामारी का नया केंद्र समझा जा रहा है ऐसे में ईरानी प्रशासन मस्जिदों को बंद क्यों नहीं कर रहा है. वहीं कई आलोचकों का मानना है कि ईरान मरीजों की असल संख्या नहीं बता रहा है. असल में मरीजों की तादात बताई जा रही संख्या से काफी अधिक हो सकती हैं.

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