22 साल बाद अब्दुल करीम टुंडा आं’तक’वाद के सभी आ’रोपो से बरी, हैदराबाद को द’हला’ने के थे आरोप

नई दिल्लीः आ’तंकवाद के नाम पर बेकसूर लोगो की गिरफ्तारियों पर अक्सर पुलिस और जांच ऐजंसियों की का’र्यशै’ली पर सवाल उठते रहे हैं. ऐसा ही एक मामला एक बार फिर सामने आया है. करीब 22 साल पहले हैदराबाद को द’हला’ने की सा’जिश र’चने के आरोप में गिरफ्तार किये गए अब्दुल करीम को अब अदालत ने सबूतों के अ’भाव में करीब दर्जनभर आरो’पों से बरी कर दिया है।

दरअसल, मंगलवार 03 मार्च को नामपाली स्थित मे’ट्रोपॉलि’टन सेशन जज कोर्ट ने सैयद अब्दुल करीम टुंडा को सभी आरो’पों से बरी कर दिया है। टुंडा के वकील खालिद सैफ्फुलाह खान ने बताया कि कोर्ट ने उनके क्लाइंट को सभी आरो’पों से बरी कर दिया है।

ANI से बातीचत करते हुए बचाव पक्ष के वकली सैफ्फुलाह ने यह जानकारी दी है। बता दें कि सैयद अब्दुल करीम टुंडा को सुरक्षा एजेंसियों ने साल 2013 में नेपाल ‘बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। नेपाल से उसे ‘पकड़ने के बाद दिल्ली लाया गया था। जिसके बाद दिल्ली से टुंडा को बाद में हैदराबाद शिफ्ट किया गया था।

सैयद अब्दुल करीम टुंडा को हैदराबाद शिफ्ट किये जाने के बाद से वो लगातार न्यायिक हिरासत में ही थे। क्योकि टुंडा को लेकर देश की सुरक्षा एजेंसियों ने शक था कि वो आ’तं’की सं’गठन ल’श्क’र-ए-तै’य्य’बा का सदस्य हो सकता है।

जाँच एजेंसियों ने यह भी शक थी कि वो ब’म बनाने में माहिर है। हैदराबाद में गणेश उत्सव के दौरान वि’स्फो’ट की सा’जिश र’चने के शक में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था और उसे गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है की हैदराबाद पुलिस के अनुसार इस मामले में टुंडा ने दूसरे आरोपियों को ब’म बनाने की ट्रे’निं’ग दी थी। लेकिन अदालत ने सबूतों के अ’भाव में इन सभी आरो’पों से अब्दुल करीम टुंडा को बरी कर दिया है।