बीजेपी अध्यक्ष दिलोप घोष ने कहा- विदेशी नस्ल की गायें हमारी गौमाता नहीं, बल्कि हमारी आंटी हैं

बीजेपी अध्यक्ष दिलोप घोष ने कहा- विदेशी नस्ल की गायें हमारी गौमाता नहीं, बल्कि हमारी आंटी हैं

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कल्याण समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि विदेशी नस्ल की गाय गोमाता नहीं हो सकती हमारी देसी गायों ही गौमाता है और देसी गायों में सोना होता है. इसीलिए देसी गाय के दूध में सुनहरा रंग आता है। दरअसल,घोष ने कहा है कि विदेशी नस्ल की गायें गोमाता नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि देसी ब्रीड की गायों में सोने की मात्रा पाई जाती है, तभी उनका दूध हल्का सुनहरा रंग का होता है। कई अंग्रेजी और स्थानीय भाषा के अखबारों ने दिलीप घोष के इस बयान को छापा है।

द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल के बर्धमान जिले में घोष और गाभी कल्याण समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बंगाल बीजेपी प्रमुख ने ये बातें कहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, दिलीप घोष ने कहा, देशी नस्ल की गायों की एक खास खूबी होती है, इसके दूध में सोना मिला होता है, इसलिए इनके दूध का रंग हल्का सुनहेरी होता है।

देसी गायों में एक नाड़ी होती है जो धूप की मदद से सोना उत्पन्न करने में मदद करती है। हमें इन गायों को रखना होगा बचाना होगा। विदेश से जो हम गाय की नस्लें लाते हैं, वे गायें नहीं हैं और न ही गौमाता हो सकती है। वे सिर्फ एक प्रकार का जानवर हैं। घोष ने आगे कहा की विदेशी नस्ल की आवाज भी आपने सुनी होगी वो गायों जैसी रंभाने की नहीं होती…इसलिए वे हमारी गोमाता नहीं बल्कि हमारी आंटियां हैं।

दिलीप घोष ने कहा, जर्सी गायों की तरह विदेशी नस्लों के दूध से हमारे देवताओं की पूजा करना सही नहीं है। यहां तक ​​कि हमारे राष्ट्र के देवता भी विदेशी वस्तुओं को स्वीकार नहीं करते उन्होंने कहा कि लेकिन जो लोग अंग्रेजी में शिक्षित हैं, वे सब कुछ अंग्रेजी में पसंद करते हैं. उन्हें अंग्रेजी पत्नियां भी पसंद हैं।

हमारे देश के बहुत सारे नेताओं ने ऐसी शादी की है. यह गोंडोगोल (समस्या) की जड़ में है. लोग विदेशी गाय ही नहीं, बहुत सारी विदेशी पत्नियां भी भारत ला रहे हैं. वे यहां आ रही हैं और हमारे नेताओं पर दुर्भावनापूर्ण प्रभाव डाल रही हैं.यह देश के लिए सही नहीं होगा अगर हम इन विदेशी पत्नियों की या गायों आंटियों की पूजा करते हैं।

बता दें न्यूज 18 ने भी घोष के बर्द्धमान में दिए बयान को प्रकाशित किया है। इसके मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा, शिक्षित समाज से ताल्लुक रखने वाले कुछ लोग सड़क किनारे बी’फ खाते हैं। गाय क्यों? मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं कि वे कु’त्ते का मी’ट भी खाएं। यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। और दूसरे जानवरों का भी मी’ट खाएं।

घोष ने आगे कहा की आपको कौन रोक रहा है? लेकिन अपने घर पर खाएं। गाय हमारी माता है और हम गो’ह’त्या को समाज विरो’धी कृ’त्य के तौर पर देखते हैं। कुछ लोग हैं जो घरों पर विदेशी नस्ल के कुत्ते रखते हैं और उनका मल साफ करते हैं। यह महा अपराध है।

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