VIDEO: रवीश कुमार के प्राइम टाइम में पहुंची जामिया की जांबाज लड़कियाँ, सुनाई दिल्ली पुलिस की बर्बरता

नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए 50 छात्रों को रिहा कर दिया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 50 छात्रों में से 35 कालकाजी पुलिस थाने और 15 न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस थाने से रिहा किए गए हैं। बता दें कि रविवार की शाम दक्षिणी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस जामिया मिलिया कैंपस में पहुंची थी।

वही जामिया के छात्रों का आरोप है कि यहां पुलिस ने लाइब्रेरी समेत परिसर में विभिन्न जगहों पर आं’सू गै’स के गो’ले छोड़े, छात्र और छात्राओं पर जमकर ला’ठीचा’र्ज किया। इस विश्वविद्यालय में हुई हिं’सा में कथित तौर पर शामिल आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों को सोमवार की रात गिरफ्तार किया गया।

रवीश कुमार के प्राइम टाइम में पहुंची जामिया की जांबाज लड़कियों

वही NDTV के अनुसार, दिल्ली पुलिस प्रवक्ता एमएस रंधावा ने कहा, हिं’सा के सिलसिले में जामिया नगर इलाके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ज्यादातर आरो’पियों की आप’रा’धिक पृष्ठभूमि है। हलाकि इनमें से कोई भी जामिया का छात्र नहीं हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी पहचान की जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।

आपको बता दें नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही जामिया मिल्लिया इस्ला’मिया यूनिवर्सिटी की छात्राओं पर पुलिस ने ला’ठीचा’र्ज किया इस पूरी घट’ना में कई छात्राओं को गंभीर चोटें भी आईं. छात्राओं के अनुसार पुलिस उनके कैंपस में घुसी और उसने लाइब्रेरी में बैठे छात्रों की पि’टाई शुरू कर दी. पि’टाई से घा’यल हुई कुछ छात्राओं ने रवीश कुमार के प्राइम टाइम में उस रात हुई हिं’सा की दास्तान साझा किया।

 

वही जामिया की एक छात्रा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि जब बच्चों की पि’टाई हुई तो मीडिया ने इसे ज्यादा दिखाया, लेकिन जब हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे तब मीडिया ने उसे नहीं दिखाया। उन्होंने सच को छुपाया।

एक अन्य छात्रा ने बताया कि हम उस दिन शांति से प्रदर्शन कर रहे थे इसी दौरान पुलिस ने हमपर ला’ठीचा’र्ज किया मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि जब जामिया या एएमयू की बात आती है तभी पुलिस बच्चों की ऐसी पि’टाई क्यों करती है?