देश भर के मदरसों को बंद करने की मांग, वक्फ बोर्ड के चेयरमेन ने मोदी को लिखा पत्र, भारतीय मुस्लिमों में गुस्सा

नई दिल्ली: उत्‍तर प्रदेश शिया वक्‍फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी मदरसों को बंद करने की मांग की है. वसीम रिजवी ने आरोप लगाया कि इन मदरसों में आईएसआईएस की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है ऐसा करके मदरसों के छात्रों का माइंडवॉश किया जा रहा है. उन्‍होंने दावा किया कि अगर जल्दी प्राथमिक मदरसे बंद न हुए तो 15 साल बाद देश को आधे से ज्यादा मुसलमान आईएसआईएस की विचारधारा के समर्थक हो जाएंगे।

वसीम रिजवी ने पत्र में कहा है कि कश्‍मीर में बहुत बड़ी तादार में आईएसआईएस (ISIS) के समर्थक खुले तौर पर दिखाई दे रहे हैं और बहुत बड़े पैमाने पर मदरसे में इस्‍लामिक तालीम लेने वाले बच्‍चों को आर्थिक मदद पहुंचाकर इस्‍लामिक शिक्षा के नाम पर दूसरे धर्मों से उन्‍हें काटा जा रहा है और सामान्‍य शिक्षा से दूर किया जा रहा है।

देश में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे प्राथमिक मदरसे चंदे की लालच में हमारे बच्‍चों का भविष्‍य खराब करने पर आमादा है. उनको सामान्‍य शिक्षा से दूर रखकर उनमें इस्‍लाम के नाम पर कट्टरपंथी सोच पैदा की जा रही है, जो हमारे मुसलमान बच्‍चों के लिए घातक है और साथ ही देश के लिए बड़ा खतरा भी है।

उन्‍होंने पत्र में कहा है कि इन हालात को देखते हुए देशहित में और मुसलमान बच्‍चों के अच्‍छे भविष्‍य के हित में मेरा यह सुझाव है कि हिन्‍दुस्‍तान में चल रहे प्राथमिक मदरसों को बंद किया जाए और हाई स्‍कूल पास करने के बाद अगर बच्‍चा स्‍वयं धर्म प्रचार की तरफ जाना चाहता है तो वह मदरसे में दाखिला ले सकता है अर्थात मदरसों में प्रवेश हाई स्‍कूल करने के बाद किए जाने की व्‍यवस्‍था सुनिश्‍चित की जाए।

उनका कहना है कि इससे यह फायदा होगा कि बच्‍चा स्‍कूल में सही तरीके से हाई स्‍कूल तक की सामान्‍य शिक्षा ग्रहण कर सकेगा और बचपन से लेकर हाई स्‍कूल तक हर वर्ग व हर धर्म के बच्‍चों के साथ बैठकर उसे शिक्षा ग्रहण्‍सा करने व हर धर्म के साथ मिलजुलकर रहने व हर धर्म को समझने का मौका भी मिलेगा।