कभी हिंदू राष्ट्र था ये देश, अब मुस्लिम देश के रूप में है विख्यात, पढ़ें रोमांचक दास्तान

दुनिया भर में कई मुस्लिम राष्ट्र है लेकिन आज हम आपको ऐसे मुस्लिम राष्ट्र के बारे में बताने जा रहे है जो एक ज़माने में हिन्दू राष्ट्र हुआ करता था लेकिन समय के साथ धीरे धीरे यहां मुस्लिम आबादी बढ़ती गई और यह मुस्लिम देश में बदल गया. लेकिन इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि इस देश को तलवार का दं$गों के दम पर मुस्लिम देश नहीं बनाया गया है. हम बात कर रहे है अफगानिस्तान की जो आज एक मुस्लिम देश माना जाता है. अफगानिस्तान भारत से सातवीं शताब्दी में अलग होकर एक देश बना था. इससे पहले यहां बड़ी तादात में हिन्दू निवास करते थे उस समय यह भारत का ही हिस्सा हुआ करता था बाद में जब हिन्दुओं की संख्या कम हुई और यह एक अलग देश बन गया.

वर्तमान समय के इस अफगानिस्तान में 7वीं सदी से लेकर 17वीं सदी तक एक ही धर्म निवास करता रहा जो कि हिन्दू धर्म था. यहां हिन्दू आबादीबड़े पैमाने पर थी. इस देश में 17वीं सदी के समय सिर्फ हिंदू धर्म के अनुयायी ही रहते है लेकिन मौजूदा हालातों की बात करें तो अब यहां सिर्फ मुस्लिम लोग ही रहते है.

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17वीं शताब्दी में इस देश में सिर्फ हिंदू धर्म को मान्यता दी गई थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि आज तक यहां किसी भी हिन्दू की ह$त्या नहीं की गई है और न ही कभी इस राष्ट्र में हिन्दुओं को मारा गया. अब सवाल यह उठता है कि फिर एक हिन्दू राष्ट्र मुस्लिम राष्ट्र में बदला कैसे?

दरअसल यहां निवास करने वाले हिंदू समय के साथ धीरे धीरे नेपाल म्यां$मार तथा भारत में आकार बसने लगे और कुछ हिन्दुओं ने तो श्रीलंका का रुख भी किया. जिसके चलते अफगानिस्तान हिन्दुओं से खाली होता चला गया और मुस्लिमों ने यहां आकार बसने शुरू कर दिया और यह देश मुस्लिम देश में बदल गया.

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आपको बता दें कि बना किसी दं$गे लड़ाई झगड़े के यहां के हिन्दू स्वयं अपनी इच्छा से अलग अलग जगहों पर जाकर बस गया. भारत में बंटवारे से पहले हिन्दू मुस्लिम एकता के साथ रहते थे इसलिए अफगान के हिन्दुओं ने भारत का रुख भी पड़े स्तर पर किया.

लेकिन भारत भारत में बंटवारे के बाद हालत कुछ भिन्न हो गए.वर्तमान में भारत में करोड़ों हिन्दू और हर धर्म के लोग निवास करते है. वहीं भारत से अलग हुए पाकिस्तान में ज्यादतर मुस्लिम आबादी है यहां नाम मात्र की संख्या में हिन्दू रहे है. हालांकि बंटवारे के समय करोड़ों की संख्या में हिन्दू पाकिस्तान में रह गया थे. लेकिन उन्होंने धीरे धीरे पाकिस्तान में होने वाले अत्या$चारों से तंग आकर भारत का रुख किया.