देशभर की 29 सीटें ऐसी जहां से मुस्लिम उम्मीदवारों को जीतने से कोई नहीं रोक सकता था, देखिए

लोकसभा चुनाव 2019 के सभी नतीजे सामने आ चुकी है. देश में एक बार फिर से मोदी सरकार की शानदार वापसी हो चुकी है. एनडीए ने अपना पिछला प्रदर्शन ना सिर्फ दोहराया बल्कि उसमें बड़े पैमाने पर इजाफा भी किया. बीजेपी की जीत के साथ ही उनका बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में भी पार्टी का जनाधार काफी बढ़ा है.

इसका सीधा का मतलब यह भी निकलता है कि बीजेपी को उन लोकसभा क्षेत्रों में अप्रत्याशित सफलता हासिल हुई है जिनमें मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक देश की 543 लोकसभा सीटों में से 29 सीटें ऐसी रही हैं जहां पर मुस्लिम आबादी 40 प्रतिशत से भी अधिक हैं.

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इन 29 में से 27 सीटें जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, केरल और पश्चिम बंगाल में मौजूद है जबकि दो अन्य सीटें लक्षदीप और तेलंगाना की हैदराबाद है. इसमें कोई दो राय नही है कि आज़ादी के बाद से लोकसभा में मुस्लिम सांसदों की हिस्सेदारी लगातार कम हुई है.

इसमें में भी सबसे दिलचस्प बात यह है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम सांसद इन्हीं 29 सीटों से चुनकर संसद तक का सफ़र करते है. इस बार 29 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में से 5 सीटों पर बीजेपी का कब्जा रहा है. आज़ादी के बाद से अब तक बीजेपी को इन 29 सीटों पर कम ही सफलता हासिल हुई हैं.

लेकिन यह बात 2014 और इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में पूरी तरह बदल गई. साल 2014 में पार्टी ने 29 में से सात सीटों पर जीत दर्ज की थी और सबसे खास बात यह है कि इनमें से कोई भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं था. इन 7 में से पांच सीटें तो बीजेपी ने यूपी में ही जीती थी.

हालांकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलने में 2019 के लोकसभा में बीजेपी को दो सीटों का नुकसान हुआ है. बीजेपी को यूपी से पांच सीट हासिल हुई है. बीजेपी को यहां सपा-बसपा गठबंधन के चलते नुकसान उठाना पड़ा.