कुछ ढोंगी मौलवियों की वजह से बरेली तालिबान बन गया है: निदा खान

कुछ ढोंगी और फर्जी मौलवियों की वजह से उतर प्रदेश के बरेली को तालिबान बना दिया गया है. निदा खान ने यह शब्द उन मौलानाओं के खिलाफ हैं जो शरीयत को अपने हिसाब से फेरबदल कर रहे हैं. मौलवियों को शरीयत को अपने हिसाब से चलाने को लेकर निदा खान बेहद नाराज़ हैं. उन्होंने कहा है कि कुछ उलेमाओं ने शरिया कानून को अपनी जागीर बना दिया है, वे जब चाहें इसको अपने हिसाब से फेरबदल करते रहते हैं.

मुझे एक अजीब सा डर लगता है कि किसी भी वक्त एक भीड़ आकर कुछ कर न दे. आपको बता दें कि यह वही निदा खान हैं जो तीन तलाक, हलाला और बहू विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़ी हुई हैं. पिछले कुछ समय पहले इनके खिलाफ फतवा भी जारी कर दिया गया था.

सोशल मीडिया के जरिए निदा खान को तीन तलाक के मुद्दे पर मुसलमानों को नीचा दिखाने के लिए काफी फेमस किया गया था. आपको बता दें की निदा खान ‘आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी’ की अध्यक्ष भी हैं. उनका कहना है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत मुसलमान महिलाओं के वजूद को खत्म करने की साजिश चल रही है.

मीडिया ने जब उनसे पूछा कि यह साजिश कौन कर रहा है? तो इसका जवाब देते हुए निदा खान बोलती हैं कि ‘धर्म के ठेकेदार’ और कौन. अब यह किसकी तरफ इशारा कर रही हैं इस बात का खुलासा उन्होंने नहीं किया है. अपने बयान में उन्होंने एक तरफ से ऐसे सभी मौलानाओं को लपेटा है जो बात बात पर फतवे जारी करते हैं.

निदा बतातीं हैं कि जब से मैंने तीन तलाक के मुद्दे को लेकर आवाज उठाई है तब से मेरे खिलाफ फतवा जारी कर दिया गया और इसके बाद से ही सभी लोगों ने मेरा सामाजिक बहिष्कार करना शुरू कर दिया. मेरा परिवार और मैं अब डर के साए में जीते हैं.

हमें लगता है कि किसी दिन कोई भीड़ आकार हमारा कुछ कर न दे. निदा खान शरीयत में तब्दीली चाहती हैं, और मांग करते हुए कहती हैं कि इसमें हलाला तीन तलाक और एक से ज्यादा शादियां इन सब पर बैन लगना चाहिए.

कुछ मौलाना कौम की महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते, उनकी शिक्षा को लेकर इंटरनेट चलाने को लेकर फतवा जारी कर देते हैं. मैं अपने ट्रस्ट के जरिए इनकी मदद कर रही हूं. और उनको अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता फैला रही हूँ.

बस इसी बात को लेकर सब मुझसे चिढ़े हुए हैं, क्योंकि वह नहीं चाहते कि मुसलमान औरतें तरक्की करें वह मुख्यधारा में आए. निदा खान खुद एक तीन तलाक पीड़िता हैं, वह कहती हैं कि हम एक आजाद मुल्क में रहते हैं और मुझे कोई कैसे यह देश छोड़ने के लिए बोल सकता है.

आने वाले समय में निदा खान को पूरी उम्मीद है कि वक्त बदलेगा और जल्द ही कौम की महिलाएं मर्दों की तरह कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी. क्योंकि अब वक्त बदल गया है, अब महिलाओं का चौके चूल्हे तक सीमित रहने का टाइम खत्म हो चुका है.

निदा खान के मौलवियों पर इस तरह की टिप्पड़ी करने के बाद देखना यह है कि अब किसी मौलाना का क्या बयान आता है. या इस पर चुप्पी साधी जाएगी.