रमजान में वोटिंग की बात करने वालो को नहीं पता, की रमजान में शब-ए-कद्र को मिला था आजादी का तोहफा

देश में चुनाव आयोग ने 17वीं लोकसभा का चुनाव सात चरण में 11 अप्रैल से 19 मई के बीच कराने का फैसला किया है। जिसके नतीजे 23 मई को आएंगे लेकिन मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली और आम आदमी पार्टी (आप) के मुस्लिम चेहरे और ओखला विधानसभा सीट से विधायक अमानतुल्ला खान ने भी रमजान के दौरान वोटिंग पर सवाल उठाए हैं चुनाव आयोग से इस साल के लोकसभा चुनाव के अंतिम तीन चरणों की तारीखों को बदलने के लिए कहा है।

क्योंकि यह रमज़ान के पवित्र महीने में पड़ा है। खासकर पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली की अधिकतर सीटों पर आखिरी तीन चरण में ही मतदान होना है। और वही रमज़ान के पवित्र महीने 5 मई से शुरू हो रहा है। यानी 6, 12 और 19 मई को होने वाली आखिरी तीन चरणों की वोटिंग रमजान के दौरान होगी।

गौरतलब है कि रमजान के दौरान मुस्लिम समाज के लोग सुबह सवेरे से शाम तक बिना कुछ खाए-पिए रोजा रखते हैं, ऐसे में ये सवाल उठाए जाने लगे हैं कि रोजे और भीषण गर्मी के दौरान मुस्लिम मतदाता घंटों तक लाइन में लगकर कैसे वोटिंग में हिस्सा ले पाएंगे।

अब इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस कम हो रही है और सियासत ज्यादा हो रही है. लेकिन लोग अब उनके बयान की काफी आलोचना कर रहे है. बड़ी बात यह है कि खुद मुस्लिम समाज के लोग उन्हें खरी खरी सुना रहे हैं और कह रहे हैं कि रमजान और रोज़े को अपनी सियासत के बीच में मत लाए।

मुस्लिम समाज का कहना है कि रोज़े की वजह से मतदान पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है और रोज़ा रहकर भी मुसलमान बड़ी तादाद में मतदान करेंगे. इस बीच हम आपको एक दिलचस्प बात बताने जा रहे हैं. बहुत कम लोगों को पता होगा कि देश को आजादी मिलने के दौरान भी रमजान चल रहा था।

आपको बता दें कि देश 15 अगस्त 1947 को जब आजाद हुआ तो उस दिन भी 27 वीं शब-ए-कद्र थी. वहीँ अब एक बार फिर यह अनूठा संयोग 65 साल बाद आया है. आपको बता दें कि जिस दिन हमें आजादी मिली उस दिन 27 व रमजान 1366 हिजरी थी. इसके अलावा आपको बता दें कि उस दिन जुमे का दिन था जो कि मुसलमानों के लिए बाकी दिनों के मुकाबले सबसे पाक दिन माना जाता है।

हमारे लिए बड़े नाज की बात है कि अपना मुल्क 27 वीं शब-ए-कद्र को आजाद हुआ था। यह दिन हमारे बड़ी फजीलत का दिन है। ऐसे में जिन लोगों को यह बात नहीं पता है उन तक यह बात ज़रूर पहुचाये और ज्यादा से ज्यादा तादाद में मतदान करने जाए।