VIDEO: यह गुरुद्वारा रोज़ाना कराता है सैकड़ो लोगों को इफ्तार,जमात के साथ होती है नमाज

जब सोमवार को मुअज्जिनों ने मस्जिदों में मग़रिब की नमाज़ के लिए अज़ान दी. रमज़ान के पहले दिन वहीं आज़ान दुबई के गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा में सुनी गई. इसी दौरान दर्जनों सिखों ने सिख तीर्थ के सामुदायिक रसोई हॉल के फर्श पर बैठकर लंगर (मुफ्त सामुदायिक भोजन) का आनंद लिया वहीं मुस्लिमों के एक समूह ने हॉल के दूसरी तरफ बैठकर अपने उपवास को समाप्त किया.

सिखों के साथ इफ्तार करने वाले बांग्लादेशी इस्लामिक विद्वान हाफ़िज़ अब्दुल हक ने एक ही हॉल में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थित क्षेत्रों में प्रार्थना (सलात / नमाज़) का नेतृत्व किया. बता दें कि वह पूरे रमजान में मग़रिब की नमाज़ का नेतृत्व करने के लिए सहमत हो गए है.

Source: ARY News

यहां ऐसा पहली बार देखने को मिला कि मुस्लिमों ने किसी अन्य धर्म से संबंधित पूजा स्थल के अंदर नामज़ अदा की और वह भी सिख धर्म के प्रमुख पुजारी की उपस्थिति में की गई. यह नज़ारा दुबई के सिख गुरुद्वारे का था जहां मुसलमानों ने गुरुद्वारे में नमाज़ के बाद इफ्तार किया.

रमजान के दौरान यह भाईचारा सहिष्णुता का अनूठा उदाहरण बताया जा रहा हैं. यह गुरुद्वारा प्रत्येक आगंतुक को दिन में तीन बार मुफ्त शाकाहारी भोजन साल भर प्रदान करता हैं. लेकिन पिछले छह वर्षों से रमजान के दौरान भी वह एक अंतरजातीय इफ्तार की मेजबानी कर रहा है.

इसे लेकर गुरुद्वारा के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कंधारी के बताया कि 15 मई को कराए गए इंटरफेथ इफ्तार के बाद दैनिक इफ्तार की मेजबानी करने का फैसला किया गया था. हमारे प्राथमिक उद्देश्य इलाके के मुस्लिम श्रमिकों को शामिल करना था.

लेकिन रमजान के पहले दिन आने वालों ज्यादातर लोगों में से अधिकांश वो थे जिन्होंने गुरुद्वारा से जुड़े अपने दोस्तों या सहयोगियों से इसके बारे में बात की थी. भारत और पाकिस्तान से दुबई पहुंचने वाले आवा बेग और मोहम्मद सजीर ने कहा कि हमने अपने धर्म के अलावा किसी भी धर्म से संबंधित पूजा स्थल के अंदर कदम नहीं रखा था लेकिन यह एक अच्छा अनुभव रहा.