आर्थिक संकट से जूझ रहे जी न्यूज़ ग्रुप वाला DNA अखबार बंद हुआ

देश में बढ़ रही बेरोज़गारी दिन व दिन और अपनी चरम सीमा पर पहुंचती नज़र आ रही है| लोग बेरोज़गारी के चलते बेहाल और परेशान नज़र आ रहे हैं| त्योहारों पर खरीदारी तो दूर अब लोगों के पास खाने तक के लिए पैसे नहीं है| देश की बेरोज़गारी की की वजह से देश की अर्थव्यवस्था भी आहात हो रही है| इन सब के चलते अब एक और कारखाना बंद होने की खबर सामने आयी है जिसकी वजह से कारखाने में काम करने वाले लोगों को एक बड़ा झटका लगा है| बता दें कि वित्तीय संकट के बीच ज़ी समूह के स्वामित्व वाले अंग्रेजी अखबार डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस यानी डीएनए ने अपने अखबार को बंद करने का ऐलान कर दिया है|

बता दें कि डीएनए अखबार ने अपने बुधवार के संस्करण में संपादक के हवाले से एक नोटिस जारी कर अपने पाठकों को अखबार बंद होने की खुद जानकारी देते हुए बताया कि डीएनए अब सिर्फ डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध रहेगा और अखबार बंद हो रहा है|

जानकारी के मुताबिक़ नोटिस में यह कहा गया है कि हम पिछले 14 वर्षों में प्रिंट रीडरशिप के लिए आप सभी को धन्यवाद देते हैं। अगले आदेश तक मुंबई और अहमदाबाद में इस अखबार का प्रिंट एडिशन 10 अक्टूबर 2019 से बंद कर दिया जाएगा।

साथ ही नोटिस में कहा गया है कि, हम नए और चैलेजिंग फेस में प्रवेश कर रहे हैं, डीएनए अब डिजिटल हो रहा है। पिछले कुछ महीनों के दौरान डिजिटल स्पेस में डीएनए काफी आगे बढ़ गया है। बता दें कि नोटिस में यह भी लिखा गया है कि, जिन पाठकों के पास सबस्क्रिप्शन कूपन हैं, वे अपनी बकाया राशि के लिए राजेंद्र बथूला से ‘कॉन्टिनेंटल बिल्डिंग, 135, डॉ. एनी बेसेंट रोड, वर्ली, मुंबई-400018’ पर संपर्क कर सकते हैं।

नोटिस में आगे लिखा गया है कि, वर्तमान ट्रेंड को देखें तो पता चलता है कि हमारे रीडर्स खासकर युवा वर्ग हमें प्रिंट की बजाय वेब-प्लेटफॉर्म पर पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। न्यूज पोर्टल के अलावा जल्द ही डीएनए मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें वीडियो बेस्ट ऑरिजिनल कंटेंट पर अधिक फोकस रहेगा जिससे आप लोगों को पढ़ने में और ज्यादा मज़ा आएगा|

साभारः #JantaKaReporter