डिबेट के दौरान पैनलिस्ट ने पीएम मोदी को बोला कार्टून, एंकर भड़के और संबित पात्रा चिल्लाय- सिक्योरिटी बुलाओ

एक टीवी चैनल के डिबेट शो के दौरान, एक पैनलिस्ट के ‘प्रधानमंत्री मोदी’ को लेकर कार्टून बोल देने के बाद काफी हंगामा हो गया. इसके बाद वहां मौजूद एंकर काफी नाराज़ हो गए, इसके अलावा कार्यक्रम में जो लोग मौजूद थे वो लोग भे काफी गुस्सा हुए. इस डिबेट शो में संबित पात्रा भी मौजूद थे, और जब पैनल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्टून कहा इसके बाद संबित पात्रा भड़क गए और उन्होंने पैनालिस्ट को डिबेट शो से बाहर करने की मांग की.

संबित पात्रा जोर जोर से सिक्योरिटी को चिल्ला चिल्ला कर बुलाने लगे. इस प्रोग्राम में व्हाट्सएप के जासूसी विवाद के मुद्दे को लेकर चर्चा हो रही थी, और यह डिबेट न्यूज़ 18 टीवी चैनल पर हो रही थी. दरअसल यह डिबेट असहिष्णुता संबंधित मुद्दे पर हो रही थी.

Sarkar par jasoosi wala prhar

इस कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के नेता निशांत वर्मा ने कहा, 30 अक्टूबर को देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि थी, लेकिन उनकी पुण्यतिथि के दिन ही भाजपा के नेता ताजेंदर बग्गा उन्हें ‘खलनायक’ बता दिया था, इसी को लेकर निशांत वर्मा ने कहा था कि ये असहिष्णुता है.

निशांत वर्मा के यह बोलने के बाद संबित पात्रा ने, गांधी परिवार को आड़े हाथों ले लिया और इंदिरा गांधी को फिर खलनायक कहने का मुद्दा उठा दिया. इस बात पर बहस काफी बढ़ती चली गई. जिसके बाद डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कार्टून को प्रधानमंत्री बना दिया और उसके बाद से ही शो के दौरान एंकर ने उनके इन बोल पर आपत्ति जताई.

हालांकि शो में मौजूद कुछ लोग भी इस बात से बेहद नाराज हो चुके थे. इसके अलावा संबित पात्रा ने भी सिक्योरिटी बुलाने की मांग की और पैनलिस्ट को तुरंत शो से बाहर करने के लिए अपील की. अक्सर शो के दौरान देखा जाता है कि संबित पात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जरा भी बुराई नहीं सुन सकते.

हालांकि भाजपा के एक मजबूत प्रवक्ता के रूप में संबित पात्रा, अपने आगे किसी की नहीं चलने देते, लेकिन कभी-कभी डिबेट के दौरान कुछ ऐसी बातें हो जाती हैं, जिसके बाद में अपना आपा खो देते हैं. गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में व्हाट्सएप पर जासूसी होने के बाद यह मुद्दा ज़ोरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

भारत में कई विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं जिसमें कुछ वकील भी शामिल हैं. इन सब की व्हाट्सएप पर जासूसी होने के खुलासे के बाद लोगों की चिंताएं काफी बढ़ती नजर आ रही हैं.