बाल ठाकरे ने मुसलमानों को बताया था – कैंसर, कहा था देश तो आजाद है लेकिन मुसलमानों से आजाद करने…

महाराष्ट्र में शिवसेना की स्थापना करने वाले बाला साहेब ठाकरे की जिंदगी पर बनी फिल्म ठाकरे 25 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है. फिल्म में ठाकरे का किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाया हैं. बाला साहेब ठाकरे ने 1966 में शिव सेना की स्थापना की. ठाकरे ने बारे में कहा जाता है कि वह अपनी बात को खुलेआम हर मंच पर कहते थे जिसके चलते कई बार कंट्रोवर्सी भी हुई. आज हम आपको बाला साहेब ठाकरे से जुड़े कुछ ऐसे ही किस्सों और विवादों को बताने जा रहे हैं.

जब वोट डालने पर लगा प्रतिबंध

नफरत और डर की राजनीति करने के चलते चुनाव आयोग ने बाल ठाकरे के वोट डालने और चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया था. 28 जुलाई 1999 को बाल ठाकरे पर चुनाव आयोग की सिफारिश के बाद 6 साल के लिए वोट डालने और चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था जो २००५ में हटा था.

मुसलमानों के खिलाफ बयान

बाल ठाकरे ने 80 के दशक में कहा था कि देश में मुसलमान कैंसर की तरह फैल रहे हैं और उनका इलाज भी कैंसर की तरह ही करना चाहिए. देश को मुस्लिमों से आजाद करने मुसलमानों से आजाद कराने की जरूरत है और पुलिस को हिंदुओं की ऐसे ही मदद करनी चाहिए जैसे पंजाब में पुलिस ने खालिस्तानियों की मदद की थी।

1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद बाल ठाकरे के शिवसैनिकों ने खुले आम उत्पात मचाया था। इस पर ठाकरे ने कहा था कि शिवसैनिकों ने जो किया वो सही था। हालांकि साल 1998 में दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि हमें मुसलमानों को भी अपना ही हिस्सा मानना चाहिए और सही से व्यवहार करना चाहिए।

लेकिन 2008 में उनका नजरिया एक बार फिर बदल गया और उन्होंने कहा कि मुसलिम आतंकवाद तेजी से बढ़ रहा है और इससे निपटने का तरीका सिर्फ हिंदू आतंकवाद ही है।

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का विरोध

बाल ठाकरे न सिर्फ पाकिस्तान के धुर विरोधी रहे बल्कि पाकिस्तान से जुड़ी हर चीज का उन्होंने बहिष्कार किया। क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 के दौरान जब पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचा तो शिवसेना ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान फाइनल में पहुंच गया तो उसे मुंबई में नहीं खेलने दिया जाएगा। यही नहीं दिसंबर 2012 में पाकिस्तान और भारत के बीच भारत में होने जा रही टेस्ट सीरीज का भी ठाकरे ने खुलकर विरोध किया।

सचिन को चेतावनी

नवंबर 2009 क्रिकेट के भगवान सचिन तेंडुलकर को बाल ठाकरे के गुस्सा का शिकार बनना पड़ा। बाल ठाकरे ने सचिन को चेतावनी देते हुए कहा कि वो खुद को क्रिकेट के मैदान तक ही सीमित रखें। दरअसल सचिन ने कह दिया था कि मुंबई पर सभी भारतवासियों का बराबर हक है। बाल ठाकरे इसी पर भड़क गए और सचिन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हमें क्रिकेट के मैदान में आपके छक्‍के-चौक्‍के पसंद हैं, लेकिन आप अपनी जुबान का इस्‍तेमाल न करें। हम इसे बर्दाश्‍त नहीं करेंगे।