Emami Cement की लगी बोली, 6000 करोड़ खर्च करने को तैयार कंपनियां

Emami Cement की लगी बोली, 6000 करोड़ खर्च करने को तैयार कंपनियां

कर्ज में दबा इमामी सीमेंट Emami Cement बिनके के लिए तैयार हो गयी है जिसके चलते देशी और विदेशी कम्पनियों के देश भर से इसे खरीदने के ऑफर आ रहे हैं| बता दें कि मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक कंपनी के लिए 6000 करोड़ तक की बोली लग रही है और इस प्रतिस्पर्धा में देसी और विदेशी कंपनियां शामिल हैं। इसके चलते इससे पहले भी मनीकंट्रोल ने एक खबर छापी थी, जिसमें कोलकाता हेडक्वार्टर ग्रुप ने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए अपनी परिसंपत्तियों को बेचने का फैसला किया था।

वहीँ मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक़ गैर बाध्यकारी बोली लगाने की समय सीमा हाल ही में समाप्त हुई और अंबुजा सीमेंट्स, जर्मनी के हीडलबर्गकमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, डालमिया सीमेंट, श्री सीमेंट और निरमा समूह ने इसमें अपनी रुचि दिखाई। अगले चरण के लिए बोली लगेगी।

साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि इमामी समूह अपने उद्योग की वैल्यू 6,000 करोड़ रुपये आंक रहा है, उसे उम्मीद है कि इसके जरिए वह अपने कर्ज का बोझ कम कर देगा। संपत्ति के लिहाज से यह रणनीतिक रूप से भी काफी अच्छा सौदा माना जा रहा है। हालांकि, मनीकंट्रोल ने यह भी कहा है कि वह स्वतंत्र रूप से मामले पड़ताल नहीं की है कि इसमें और भी सूटर बोली लगा रहे हैं या नहीं।

बता दें कि इमामी सीमेंट वर्तमान में मध्य प्रदेश के रिसदा, पश्चिम बंगाल के पानाग्राह और बिहार के भभुआ में 5.6 मिलियन टन (mtpa) की कुल क्षमता के साथ तीन विनिर्माण सुविधाओं का संचालन करती है। यह ओडिशा के कलिंगानगर में सीमेंट पीस प्लांट भी स्थापित कर रहा है। वहीँ फर्म के पास आंध्र प्रदेश के गुंटूर और राजस्थान में जयपुर के पास भी इसकी खनन संपत्ति है।

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक़, इमामी सीमेंट के पास 160 से अधिक जिलों में 110 गोदामों में बिक्री के साथ 2200 से अधिक डीलरों और 5,000 खुदरा विक्रेताओं का वितरण नेटवर्क है। सितंबर 2019 में जारी CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में सीमेंट की मांग में बढ़ोतरी 5 से 5.5 प्रतिशत की कमी देखी जा सकती है।

वहीँ अगर इस वित्त की बात करें तो यह वित्त वर्ष 2018 के मुकाबले कम है क्योंकि, तब डिमांड ग्रोथ 9 फीसदी था। दूसरी छमाही में कैपेसिटी कमीशन के अतिरिक्त 14-15 मीट्रिक टन के अतिरिक्त दामों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इन सब के बावजूद भी वित्त वर्ष 2020 के लिए, CRISIL रिसर्च को उम्मीद है कि कीमतों में 6-7 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिसका मुख्य कारण मजबूत Q1 है।

वहीँ दूसरी ओर अलग-अलग सीमेंट कंपनियों के प्रवक्ता स्थिति पर कोई साफ टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। मनीकंट्रोल से बातचीत में डालमिया सीमेंट के प्रवक्ता ने किसी भी टिप्पणी से इनकार किया, तो अंबुजा सीमेंट के प्रवक्ता ने कहा कि वह बाजार की अटकलों पर कॉमेंट नहीं करते।

आपको बता दें इस वक़्त मनीकंट्रोल का कहना है कि उसने इस संबंध में इमामी ग्रुप, अल्ट्राटेक सीमेंट, निरमा ग्रुप और हीडलबर्गकाइमेंट ग्रुप को ईमेल के जरिए सवाल भेजे हैं, जिनके जवाब का इंतजार है।

साभारः #Jansatta

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