VIDEO: हलाल बैकिंग, निवेशकों से करोड़ों लेकर फ़रार हुआ मालिक, कथित ऑडियो वायरल

बेंगालुरू: बेंगलुरु के शिवाजीनगर स्थित वित्तीय फर्म IMA ग्रुप के एकमात्र मालिक मोहम्मद मंसूर ख़ान हैं, अचानक ग़ायब हो गए हैं और उन्होंने एक ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर कहा कि वह अपने जीवन को समाप्त कर रहे हैं क्योंकि वह रिSश्वत देते-देते थक गए हैं। ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद हज़ारों निवेशक आईएमए गोल्ड के कार्यालय के सामने इकट्ठा हो गए. रमज़ान के चार दिन बाद भी जब आईएमए कार्यालय नहीं खुला तो निवेशकों में बेचैनी छा गई जिसको लेकर तमाम तरहे के कयास लगा रहे है।

भ्र ष्ट राजनेता और नौकरशाहों ने ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर शहर के पुलिस आयुक्त को संबोधित किया, खान ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और शिवाजीनगर के विधायक आर रोशन बेग को उनके द्वारा लिए गए 400 करोड़ रुपये वापस करने से इनकार कर दिया था और उनके जीवन के लिए खTतरा था।

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हलाकि पुलिस को अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि क्या खान ने वाकई में अपना जी वन समाप्त कर लिया है और संस्थापक-मालिक और उसके परिवार के सदस्यों की तलाश तेज कर दी है। व्हाट्सएप पर ऑडियो क्लिप को व्यापक रूप से प्रसारित किया गया था और सैकड़ों निवेशकों ने शिवाजीनगर में आईएमए शोरूम पर हMमला करने की कोशिश की थी। हालांकि, अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

निवेशक पाशा के अनुसार, हमने अपने पूरे दस्तावेज़ों के साथ पुलिस में शिकायत की पाशा की तरह ही सैय्यद रफ़ीक़ ने केवल एक लाख रुपये जमा कराया था. वो कहते हैं, मुझे 20,000 रुपये वापस मिल गए हैं, लेकिन मैं शिकायत करने जा रहा हूं. हम छोटे कारोबारी हैं जिन्होंने यहां अपना पैसा लगाया है. हमें कम से कम अपना मूल धन तो वापस मिलना चाहिए।

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वही पास में कुछ ही दूरी पर खड़ी भारती मनोहर अपने साथ बैग में पूरे दस्तावेज़ लेकर आई था. जिनसे बात करने पर उन्होंने कहा की अपनी बेटी के लिए शादी की स्कीम में और अपने बेटे बेटी की पढ़ाई के लिए एक अन्य स्कीम में निवेश किया था। तीन लाख के निवेश पर उन्हें पढ़ाई स्कीम के तहत 2017 में 80 हज़ार और 70 हज़ार रुपये मिले।

इस्लामिक बैंकिंग में भारती की रुचि इसलिए हुई क्योंकि उनके पति मुस्लिम हैं. उन्हें अचानक पता चला कि उन्हें पैसे मिलने बंद हो गए हैं. उनके अनुसार, जब मैं पैसे निकालने आई तो आईएमए गोल्ड के कर्मचारी ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव ख़त्म होंगे, सब ठीक हो जाएगा. इसलिए मैंने पैसे नहीं निकाले।

फ़िलहाल पुलिस को संदेह है कि मंसूर ख़ान खाड़ी या मध्यपूर्व देशों में फ़रार हो चूका हैं. लेकिन पुलिस को पूरी उम्मीद है कि वो उन्हें पकड़ लेगी. इस बीच मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट कर इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने की बात कही है।

 

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