घर जाने वाले हजारों मजदूरों का हुजूम, लेकिन नहीं जा सकेंगे घर, योगी सरकार ने दिए आदेश

देश भर में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है. वही 180 से भी ज्यादा देशों में फैल चुका यह वायरस अब तक 28,000 से भी ज्यादा जानें ले चुका है. दुनियाभर में करीब पांच लाख से भी ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं. भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 918 हो गई है. पिछले 24 घंटे में इसके 194 नए मामले सामने आए हैं. दूसरी ओर काम व पैसा न होने की वजह से बेबस मजदूर अपने-अपने गांवों की ओर पलायन कर रहे हैं।

आज देश व्यापी लॉकडाउन के पांचवा दिन कल शनिवार को देश के अलग-अलग हिस्सों से मजदूरों का पलायन एक गंभीर और बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है और बिना तैयारी के प्रशासन और सरकारें बेबस नजर आ रही हैं। इससे सबसे बुरे हालात दिल्ली-एनसीआर में हैं जहां दिहाड़ी मजदूर, फैक्टरियों में काम करने वाले, रंगाई-पुताई, पीओपी आदि का छोटा-मोटा काम करने वालों का हाल बुरा है।

इन जैसे हजारों मजदूरों ने अपने-अपने घरों की तरफ कूच कर दिया है। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ बसों का इंतजाम किया है, लेकिन वह सब नाकाफी साबित हुआ है।

इसी सम्बंद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दूसरे राज्यों से प्रदेश में आ रहे करीब एक लाख से भी ज्यादा लोगों को क्वारैंटाइन किया जायेगा। योगी सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि जो भी लोग पिछले तीन दिनों में दूसरे राज्यों से यूपी में आए हैं, उनके नाम, पते और फोन नंबर अलग-अलग जिलों के डीएम को मुहैया करा दिए गए हैं।

वही दूसरे राज्यों से प्रदेश में लोट रहे मजदूरों की निगरानी का काम भी शुरू हो गया है। खुद मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि जिन्हें भी क्वारैंटाइन में रखा जाएगा, उनके लिए खाने और रोज की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्य में लॉकडाउन के दौरान किसी को भी भूखा नहीं रहना पड़ेगा। उनकी रोज़ मररा की जरूरते का सरकार ध्यान रखेगी इस मामले पर योगी सरकार ने अफसरों को जल्द से जल्द सप्लाई चेन मजबूत करने के भी आदेश दिए है।