नागरिकता संशोधन एक्ट विरोध प्रदर्शन में मा’रे गए लोगों के परिवार वालों को दिल्ली वक्फ़ बोर्ड ने किया बड़ा ऐलान

नागरिकता संशोधन एक्ट (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर इस विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई हिं’सा हुई है। और इस हिं’सा में उत्तर प्रदेश में 15 और कर्नाटक के मंगलुरू में पुलिस की गो’ली से दो लोगों की मौ#त अब तक हुई है। अब दिल्ली वक्फ़ बोर्ड ने शनिवार को ऐलान किया कि वह हिं’सक प्रदर्शन के दौरान मा’रे गए लोगों के परिजन को वित्तीय सहायता मुहैया कराएगा।

बता दें नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पहले जामियानगर हिं’सा में अपनी एक आं’ख गंवाने वाले छात्र मिन्हाजुद्दीन को दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक और वक्फ बोर्ड में नौकरी दी गई है मिन्हाजुद्दीन को वक्फ बोर्ड में लीगल असिस्टेंट की नौकरी का नियुक्ति पत्र दिया गया है।

दिल्ली वक्फ़ बोर्ड ने शनिवार को बोर्ड के अध्यक्ष तथा आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला ने फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट में दावा किया कि उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के मंगलुरु में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गो’लीबा’री में कई लोगों की मौ#त हुई है। इस काले कानून के खिलाफ हिं’सक प्रदर्शन के दौरान मा’रे गए लोगों के परिजन को 5-5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराएगा।

वही अमानतुल्ला खान ने पीटीआई-भाषा से कहा कि पूरे देश में हिं’सक प्रदर्शन में कथित रूप से 20 लोगों की मौ’त हुई। उन्होंने मृ’तकों की कथित सूची भी साझा की। इससे पहले खान ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन को पांच लाख रुपये की वित्तीय मदद और वक्फ बोर्ड में नौकरी दिलाई।

बीते सप्ताह पुलिस ने जामिया परिसर में घु’सकर कथित रूप ला’ठीचा’र्ज किया था जिसमें मिन्हाजुद्दीन की बाईं आं’ख की रोशनी चली गई थी। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हिं’सक प्रदर्शनों में म’रने वालों की तादाद शनिवार को बढ़कर 11 हो गई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मेरठ में चार लोगों की मौ’त की खबर सामने आई, वहीं कानपुर और बिजनौर में दो-दो लोगों की मौ#त हो गई।

वही अधिकारियों के अनुसार वाराणसी में भगदड़ मचने से आठ वर्षीय बच्चे की भी जा’न चली गई तथा संभल और फिरोजाबाद में भी एक-एक व्यक्ति की मौ’त हो गई है।