VIDEO: मौ’त सामने देख महबूब अली ने पडोसी को किया आखिरी कॉल, कहा- ‘भैया मैं खत्म होने वाला हूं, बच्चों का ख्याल रखना

दिल्ली: रविवार को दिल्ली के अनाज मंडी (Delhi Anaj Mandi fire) स्थित एक फैक्ट्री में सुबह आ’ग लग गई। इस आग में जा’न गंवाने वाले 43 लोगों में पांच नाबा’लिग थे। वही इस अ’ग्निकां’ड को लेकर अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृ’तकों की संख्या और भी बढ़ सकती है। इनमें से बिहार के समस्तीपुर के एक गांव का रहने वाला 13 वर्षीय महबूब पिछले छह महीनों से दिल्ली रह रहा था। यहां आवासीय भवन में अवै’ध रूप से चल रहे कारखाने में वह 500 रुपए प्रति महीने पर बच्चो के बैग बनाने का काम करता था।

आपको बता दें (Delhi fire) इस घट’नास्थल का मंज’र ऐसा था, जो किसी को भी रो’ने पर मजबूर कर दे। इस बीच एक ऐसी द’र्दना’क कहानी का पता चला है, जिसे जानकर आप खुद को भावुक होने से रोक नहीं पाएंगे। जब सुबह 4 बजे के आसपास जब दिल्लीवासी रजाई में दुबक कर सो रहे थे तो मुशर्रफ अली अपने घर बिहार फोन मिला रहा था।

दिल्ली अ’ग्निकां’ड: म’रने से पहले दोस्त को आखिरी कॉल- अब तुम ही सहारा, बच्चों का ख्याल रखना

मुशर्रफ अली अपने पड़ोस में रहने वाले दोस्त के सामने गिड़गिड़ा रहा था। वो रो-रो कर मिन्नतें कर रहा था। कि मैं अब जीं’द नहीं बचूंगा मैं म’र रहा हूं. मेरे म’रने के बाद मेरे परिवार को देखने वाला कोई नहीं है। बस तुम ही सहारा हो उनका ख़्याल रखना। मुशर्रफ सुबह 4 बजे के करीब पड़ोस के दोस्त को फोन करता है.. वो कहता है… मोनू, भैया मेँ खत्म होने वाला हूं यहाँ आ’ग लगने वाली है यहां. तुम आ जाना करोल बाग गुलजार से नंबर ले लेना…

महबूब ने पडोसी को किया आखिरी कॉल, ऑडियो सुने……

पड़ोसी पूछता है- कहां, दिल्ली?

मुशर्रफ अली कहता है- हां..दिल्ली

पड़ोसी कहता है तुम किसी तरह निकलो वहां से…

मुशर्रफ कहता है- नहीं भाई कोई रास्ता नहीं है.. भागने का रास्ता नहीं है. ख़त्म हूं मैं भइया आज तो. मेरे घर का ध्यान रखना। अब तू ही है उनका ख्याल रखने को

इसी बीच उसको घु’टन महसूस होती है. वो कहता है- अब तो सांस भी नहीं लिया जा रहा है। पड़ोसी पूछता है आ’ग कैसे लगी.. वह कहता है- पता नहीं.. पड़ोसी सलाह देता है कि पुलिस, फायर ब्रिगेड किसी को फोन करो और निकलने की कोशिश करो…