पहली मुस्लिम महिला, व्यवसाई और कंप्यूटर वैज्ञानिक जिसने अंतरिक्ष में कदम रखा

मुस्लिम समुदाय के लिए ये बड़े फ़क्र की बात है कि पहली मुस्लिम महिला जिनका नाम अनुशेह अंसारी है और वो पेशे से कंप्यूटर वैज्ञानिक, इलेक्ट्रीकल इंजीनियर हैं| इसके अलावा वो एक बेहतरीन लेखिका और साथ-साथ एक सफल महिला व्यवसाई भी हैं| एक ओरत होते हुए भी इतनी खूबियाँ अपने आपमें किसी करिश्मे से कम नहीं| जबकि देखा गया है कि अधिकतर मुस्लिम महिलाओं की सीमा चोके चूल्हे तक ही सीमित होकर रह जाती है|

दोस्तों आपको जानकर ये हैरत होगी कि अनुसेह अंसारी ने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए खुद ही पैसों का अपने दम पर इंतज़ाम किया था| भारत से ये पहली महिला हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में कदम रखा है| आपको बता दें कि इस जुझारू महिला अनुशेह अंसारी का जन्म ईरान के एक छोटे से गाँव में में हुआ था| और अंसारी को बचपन से ही तकनीकी चीज़ों में या हर दिन कुछ न कुछ न सीखने बनाने की ललक थी|

इनका परिवार ईरान क्रांति के पांच साल बाद 1984 में यूएसए चला गया था| यहीं से अंसारी की उड़ान को नए पंख मिलना शुरू हो गए थे| यूएसए में अनुशेह का अंतरिक्ष में जाने का सपना साकार होता नज़र आने लगा था| इन्होने यूएसए आते ही इसके लिए हाथ पैर मारने शुरू कर दिए थे| बड़ा ख्वाब था फिर भी इन्होने जी तोड़ मेहनत की और अपनी द्रढ़ इच्छा शक्ती और जूनून की वजह से ये अपना सपना साकार करने में कामयाब हुईं|

अंसारी को खुद यह पता नहीं था कि कभी उनके लिए भी ऐसा दिन आएगा कि उसका ये सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने यह सपना पूरा करने में उनकी बहुत मदद की। अंसारी का मानना है कि यदि आप अपने परिवार को यह दिखाते हैं कि आपमें टैलेंट है और आप यह कर सकते हैं तो निश्चित ही परिवार भी आपकी मदद करता है।

अनुशेह अंसारी से पूछे सबाल क्या अंतरिक्ष में एलियन होते हैं इस सवाल पर अंसारी ने तपाक से जवाब दिया कि हां मैं 100% यकीन करती हूूं कि एलियन होते हैं। उनका मानना है कि अभी ब्रह्माण्ड में बहुत कुछ खोजने के लिए बाकी है और अभी हम इस ब्रह्माण्ड के बहुत छोटे से हिस्से के बारे में जानते हैं।

और आगे अंसारी कहती हैं कि व्यक्ति को जीवन में रुकना नहीं चाहिए। बहुत सी चीजें आपकी प्रतीक्षा कर रही हैं। खुद को रोकना नहीं चाहिए। दुनिया में सीमाओं जैसी कोई चीज नहीं है।