पीएसए: जम्मू कश्मीर के पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला हिरास’त में, दो साल तक हो सकती है…

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को हिरासत में लेने की एक बड़ी खबर सामने आयी है| उनकी गिरफ्ता’री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह का नोटिस देकर जवाब देने के लिए कहा है| वहीँ दूसरी ओर खबर मिली है कि रविवार रात को ही फारुक अब्दुल्ला को पब्लि’क सेफ्टी एक्ट के तहत हिरास’त में ले लिया गया है| आपको बता दें कि फारुक अब्दुल्ला की कथि’त हिरास’त को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से एक हफ्ते के अंदर जवाब मां’गा है|

इसी के साथ राज्यसभा सांसद वाइको की याचिका पर CJI रंजन गोगोई जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पी’ठ ने सुनवाई की है| साथ ही याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या वो हिरासत में हैं? इस पर सॉलिसिट’र जनरल ने कहा कि हम सरकार से निर्देश लेंगे|

इसी के चलते वाइको के वकील ने कोर्ट से कहा कि फारु’क अब्दुल्ला बाहर नहीं निकल सकते कश्मीर में अधिकारों का हनन हो रहा है| इस पर कोर्ट ने वकील से कहा कि वह अपनी आवाज ते’ज ना करें सुप्रीम कोर्ट ने वाइको की फारुक अब्दुल्ला को रिहा करने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है लेकिन केंद्र सरकार ने इसका विरो’ध किया और कहा कि नोटिस की जरूरत नहीं है, इस मामले पर 30 सितंबर को अगली सुनवाई होगी|

वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा के विपक्ष नेता गुला’म नबी आजाद को जम्मू कश्मीर जाने की इजाजत दे दी है| याचिका पर सुनवाई के दौरान गुलाम नबी आजाद ने कोर्ट से कहा कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री हूं, तो सीजेआई रंज’न गोगोई ने कहा कि मैं आपको जानता हूं|

इसके बाद कोर्ट को आजाद ने बताया कि में अपने राज्य में जाना चाहता हूँ मैंने दो बार श्रीनगर और एक बार जम्मू जाने की कोशिश की मैं अपने क्षेत्र में जाना चाहता हूं मैं बारापुला अनन्त’नाग श्रीनगर और जम्मू जाकर लोगों से मिलना चाहता हूं| साथ ही उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट को भरो’सा देना चाहता हूं कि मैं कोई रैली नही करूंगा वहां फलों आदि से जुडे लोगों से मिलना चाहता हूं|

इन्ही के साथ सुप्रीम कोर्ट ने माकपा नेता मोहम्म’द यूसुफ तारिगामी को अपने गृह राज्य जम्मू कश्मीर वा’पस जाने की सोमवार को अनुमति दे दी| प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगो’ई न्यायमूर्ति एस ए बोबडे एवं एस ए नजीर की पी’ठ ने कहा कि यदि एम्स के चिकित्सक उन्हें अनुमति दें तो पूर्व विधायक को घर जाने के लिए किसी की अनुमति आवश्यकता नहीं है|

इसी के चलते पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि उनका वाहन उनसे ले लिया गया है और वह अपने घर तक सीमित रहेंगे| बीमार नेता को न्यायालय के आदेश के बाद नौ सितंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था|

साभारः #NDTVIndia