कश्मीर के पत्रकार ने मोबाइल फोन पर बैन के 70 दिनों के बाद दोस्त को किया फोन, लेकिन 40 दिन पहले ही…

जम्मू कश्मीर के अनुछेद 370 को हटाए जाने के बाद वहाँ के लोगों को उनके ही घरों में बंदी बना लिया गया था जिसको आज लगभग 73 दिन बीत चुके हैं| लोग अपने ही घरों में हैरान और परेशान हैं वहाँ के धंदे पानी भी सब ठप पड़े हैं और चारों तरफ सेना को तैनात किया हुआ है| इन सब पावंदियों के चलते कल सोमवार 14 अक्टूबर को सभी नेटवर्क की पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है। बता दें कि सोमवार को दोपहर तक करीब 40 लाख मोबाइल फोन पर पोस्टपेड सेवा काम करने लगी। हालांकि, पोस्ट पेड मोबाइल सेवा बहाल होने के कुछ ही घंटों बाद एहतियात के तौर पर एसएमएस सेवा वापस बंद कर दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि शाम 5 बजे एसएमएस सेवा वापस बंद कर दी गई है। वहीँ कश्मीर घाटी में पोस्ट-पेड मोबाइल फोन सेवा को बहाल किए हुए 24 घंटे ही बीते हैं की इसी के बीच एक दिल दह’ला देने वाली घट’ना सामने आई है जिसे सुन कर आपका दिल भी पसी’ज उठेगा|

कश्मीर में सोमवार दोपहर को 72 दिनों बाद पोस्ट पेड मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई थी जबकि इंटरनेट अभी भी बंद है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पूर्व कश्मीरी पत्रकार ने दावा किया है कि, 40 दिन पहले उसके एक दोस्त का निध’न हो गया था लेकिन राज्य में मोबाइल फोन पर बैन के कारण उसे इस बात की जानकारी तक नहीं मिल पाई थी।

जानकारी के मुताबिक़ पहले हिंदुस्तान टाइम्स के लिए काम करने वाले पत्रकार इरफान रशीद ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि उन्होंने अपने दोस्त बसरा के नंबर पर 70 दिनों के बाद सभी ऊ’र्जा, विचित्रता, उत्सुकता के साथ दोपहर के 3 बजे कॉल किया था। लेकिन दूसरी तरफ से एक अलग आवाज सुनने को आया तो मैं समझ गया था कि यह उसकी मां है। मैंने मौसी को सलाम कहा और बसरा के बारे में पूछा।

राशिद के मुताबिक़, इसके बाद दूसरी तरफ से एक भयानक चुप्पी सुनाई दी तो मुझे लगा कि फोन नेटवर्क कमजोर है शायद यही कारण है कि उन्होंने मेरी आवाज़ नहीं सुनी, मैंने अपना वाक्य फिर से दोहराया, जिसके बाद वह फूट फूट कर रो’ने लगी और कहा कि बसरा म’र चुका है और आज उसका 40 वां दिन है।


बता दें कि राशिद की यह दुःख भरी कहानी अब सोशल मीडिया पर खूब ज़ोरो से वायरल हो रहा है| वहीं दूसरी ओर उनके इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स भी जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है और अब उनके इस दुःख भरी पोस्ट पोस्ट का स्क्रीनशॉट माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्व‍िटर पर भी खूब वायरल हो रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने बीती 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिला हुआ विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर उसे दो भागों में बांट दिया था। इसी के चलते केंद्र सरकार का दावा है कि इस फैसले से राज्य की जनता की स्थिति और बेहतर होगी साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।

जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जे को हटाए जाने के फैसले की गं’भीर’ता को देखते हुए सरकार ने कई अहम कदम भी उठाए थे जिसके चलते भारी संख्या में सुर’क्षाब’लों की तैनाती, मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं पर रोक और राज्य के नेताओं को नजर’बंद कर दिया गया था।

इसी के चलते केंद्रीय सरकार ने दलील देते हुए कहा था कि नेता’ओं की बयानबा’जी से हाला’त बिग’ड़ सकते हैं और साथ में इंटरनेट सेवाओं का आ$तंकवा’दी गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीँ इसके साथ ही राज्य में स्कूल और कॉलेजों को भी सुरक्षा के लिहाज से बं’द कर दिया गया था।

साभारः #JantaKaReporter