CAA पर बोले थे पीएम मोदी- कपड़ों से पहचाने जा सकते हैं ‘दंगाई’, इस लड़की ने ऐसा जवाब दिया की देशभर से आने लगी…

CAA Protest: नागरिकता संशोधित कानून (CAA) के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे है। यूपी के लखनऊ, गोरखपुर से लेकर बुलंदशहर तक कई शहरों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई, और इन झड़पो के चलते अब तक कई लोगो की मौ’त हो चुकी है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी हजारों लोगों ने रैलियां निकालीं यहां भी कई हिं’सक प्रदर्शन हुए जिसके बाद पुलिस को ला’ठी चार्ज और आँ’सू गै’स के गो’ले दागने पड़े।

वही CAA को लेकर रविवार 15 दिसंबर 2019 को झारखंड के दुमका में प्रधानमंत्री मोदी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कल तक जो काम पाकिस्तान कर रहा था। वह काम आज कांग्रेस कर रही है। जिस तरह पूरे पूर्वोत्तर को जलाने की कोशिश की जा रही है। उससे साफ हो गया है की पूर्वोत्तर राज्यों में आग लगा रहे हैं वो कौन लोग हैं। इसका पता तो उनके कपड़ों से ही चल जाता है।

 

पीएम मोदी ने कहा था कि जो लोग पूर्वोत्तर राज्यों में हिं’सा भड़का रहे हैं वे अपने कपड़े से ही पहचाने जा सकते हैं। हलाकि पीएम के इस बयान की बहुत आलोचना हुई थी। पीएम के इस बयान को लेकर राजनीति विपक्षी दलों के साथ-साथ आम लोगो ने भी उनके इस बयान की आलोचना की थी। और इसी बयान का विरोध करते हुए एक लड़की की तस्वीर खूब वायरल की जा रही है।

दरअसल, आपको बता दें केरल की 18 वर्षीय कानून की छात्र इंदुलेखा पार्थन की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। यह लड़की बुर्का और हिजाब पहन कर प्रदर्शन करने पहुंची। लकड़ी के हाथ में एक प्लाकार्ड था जिसमें लिखा हुआ था “मिस्टर मोदी, मैं इंदुलेखा। मुझे मेरे पहनावे से पहचानिए?

इंदुलेखा को अबतक सैकड़ों बधाई संदेश और कॉल आ चुके हैं। इनमें एक कॉल पूर्व सांसद का भी है। एर्नाकुलम में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में फ़र्स्ट इयर की छात्र इंदुलेखा किसी भी छात्र राजनीतिक दल की सदस्य नहीं है। इंदुलेखा ने इस पोस्टर का इस्तेमाल 14 अन्य कॉलेजों के साथ एर्नाकुलम में 3 किमी लंबे विरोध मार्च में हिस्सा लेते हुए किया।

वही केरल की इंदुलेखा ने द टेलीग्राफ को बताया की जब सीनियर्स मेरी कक्षा में यह जानने के लिए आए कि क्या किसी को इस बारे में कोई विचार है कि कैसे एक मजबूत स्टेटमेंट दिया जाए, तो मैंने उन्हें इस बारे में बताया। उन्होंने तुरंत इसे स्वीकार कर लिया। इंदुलेखा ने बताया कि सीनियर्स ने तुरंत उनके लिए उस पोशाक की व्यवस्था की और प्लेकार्ड तैयार किया।

हलाकि जब इंदुलेखासे पूछा गया की ये सब करते हुए आपको डर नहीं लगा तो उन्होंने कहा की ‘मैं किसी का अपमान करने की कोशिश नहीं कर रही थी। मैं बस कुछ कपड़ों और प्लाकार्ड की मदद से अपने मन की बात कहना चाहती थी। हलाकि इंदुलेका के इस कदम से उसके माता-पिता थोड़ा परेशान थे। वे एर्नाकुलम से 130 किमी दूर पलक्कड़ में रहते हैं। इंदुलेका ने अपने माता-पिता को समझाया कि वे कुछ भी गालत नहीं कर रही हैं।