बड़ी खबर: महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के गठजोड़ से बनेगी सरकार, कांग्रेस बाहर से देगी…

नई दिल्लीः महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चल रही उठापटक के बीच मुंबई से दिल्ली तक बड़े नेताओं की मुलाकातों के बावजूद महाराष्ट्र में अभी तक सरकार के गठन पर सस्पेंस बरक़रार है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री उनकी ही पार्टी से ही होगा। उन्होंने एक बार फिर से कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि, अब महाराष्ट्र का चेहरा और राजनीति बदल रही है। न्याय की खातिर लड़ाई में उनकी पार्टी की ही जीत होगी।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक शिवसेना और एनसीपी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने की खबरों के बीच संजय राउत ने कहा कि शरद पवार राज्य के अगले मुख्यमंत्री नहीं होंगे। मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान के चलते अब तक राज्य में सरकार का गठन नहीं हो पाया है।

मुंबई में संवाददाताओं से बात करते हुए राउत ने दुष्यंत कुमार की कविता के जरिए भाजपा पर तंज कसा। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में कोई प्रदूषण नहीं है। सिर्फ हंगा’मा खड़ा करना हमारा मकसद नहीं है। राउत ने साफ कहा कि महाराष्ट्र का निर्णय महाराष्ट्र में ही होगा। राउत ने दुष्यंत की कविता शेयर की और लिखा कि सिर्फ सियासी हाला’त पर हंगा’मा नहीं कर रहे हैं। हम महाराष्ट्र की सूरत बदलना चाहते हैं।

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा और शिवसेना की तरफ से तमाम कोशिशें जारी है। वहीं, दूसरी तरफ खबर आ रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं और कांग्रेस उन्हें बाहर से समर्थन करेगी।

वही टाइम्स ऑफ इंडिया ने एनसीपी के एक नेता के हवाले से लिखा है एनसीपी शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार है, वहीं कांग्रेस उन्हें बाहर से समर्थन देगी और कांग्रेस विधायक को विधानसभा अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। एनसीपी नेता ने कहा कि यह सब कुछ शिवसेना का भाजपा के साथ अपने गठबंधन को समाप्त करने पर निर्भर करेगा।

आपको बता दें कि, प्रदेश में सरकार गठन को लेकर गतिरोध अभी बना हुआ है। हालिया चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिल पाया है। महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिये हाल में हुए चुनाव में भाजपा ने 105 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि शिवसेना के खाते में 56 सीटें आई हैं। राकांपा ने 54 सीटें जीतीं और कांग्रेस के खाते में 44 सीटें आई हैं।