प्राइवेट नौकरियों को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब प्राइवेट कंपनियों की बड़ी परेशा’नी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार या यह कहिये मोदी सरकार ने प्राइवेट कंपनियों मे काम कर रहे कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है| अब प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार ने एक खुशखबरी दी है| आपको बता दें कि अब मोदी सरकार के नय आदेशों के मुताबिक़ किसी भी प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी को 24 हज़ार से कम सैलरी नहीं दी जाएगी अगर कोई कंपनी अपने वर्कर या कर्मचारी को 24 हज़ार से कम सैलरी देती है तो शिकायत मिलने पर उस कंपनी के खिलाफ सरकार की सख्त कानू’नी कारवाही होगी|

न्यूज़ 24 की खबर के मुताबिक़ अब कम सैलरी पर काम करवाने वाली कंपनियों की शामत आने वाली है| अब कोई भी कर्मचारी कम तनख्वाह मिलने की शिकायत सीधे नियुक्त सरकारी अधिकारी को कर सकेंगे। जिसके बाद सरकार द्वारा उस कंपनी पर सख्त कानूनी कारवाही होगी|

आपको बता दें कि सरकार की ओर से कार्मिक और लोक शिकायत मंत्री जितेंद्र सिंह ने संसद में कहा है कि कर्मचारियों को उनके काम के बदले न्यूनतम वेतन देना आवश्यक है और जिन कंपनियों के खिलाफ इस संबंध में शिकायतें आएंगी, उनकी जांच करायी जाएगी और आदेशों का पालन नहीं करने वालों के खिला’फ स’ख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद लोक शिकायत मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोक सभा में बुधवार को एक पूरक प्रश्न में कहा कि मोदी सरकार ने 2017 में न्यूनत’म वेतन कानून में संशोधन किया और ऐसा 65 वर्ष बाद हुआ है। न्यूनतम मजदूरी 40 प्रतिशत बढ़ायी गयी है। इसे 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 24 हजार रुपये किया गया है।

इसके बाद उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए यह कानून बनाया गया है और जो भी लोग इस कानून का पालन नहीं करेंगे उनकी शिकायत आने पर मामले की जांच करायी जाएगी और दोषि’यों के खिलाफ स’ख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महिला कर्मचारियों के हितों पर विशे’ष ध्यान दे रही है। प्रसवकालीन अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह कर दिया गया है। सरकार ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना आरं’भ की है जिसे एक अप्रैल 2016 से सरल बनाया गया है।

लोक शिकायत मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के हितों के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी प्रतिबद्धता का पालन करते हुए पिछले वर्ष सरकार ने पीएफ में सरकार की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत कर दी है। श्रमि’कों की सुविधा के लिए एक पोर्टल भी है जिसमें शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।