दीपावली पर अपने कर्मचारियों को कार और फ्लैट गिफ्ट करने वाले सूरत के हीरा कारोबारी ने किया बड़ा ऐलान

देश में चल रही आर्थिक मंदी के कारण देश के कई सारे कारोबार पर इसका असर देखने को मिल रहा है| देश के जहां छोटे मोठे कारोबारी इसकी चपेट में हैं तो वहीँ देश के अमीर टाटा बिरला अम्बानी जैसे बिज़निस मैन भी इससे सुरक्षित नहीं| देश की यह आर्थिक मंदी का असर हर छोटे बड़े व्यापारी पर साफ़ नज़र आ रहा है| देश की इकोनॉमी गड्डे में जाती जा रही है| इसी आर्थिक मंदी के चलते देश के एक ऐसे व्यापारी के मंदी की वजह से आहत होने का मामला सामने आया है जो पिछले साल तक तो अपने कर्मचारियों को दिवाली के मोके पर कार और फ्लैट गिफ्ट में दिया करता था|

हम बात कर रहे हैं सूरत के अरबपति हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया और उनके छोटे भाई घनश्याम की| देश की आर्थिक मंदी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दीवाली के मौके पर अपने कर्मचारियों को गिफ्ट के रूप में कार और फ्लैट देने वाले कारोबारी का कहना है कि इस बार ऐसा कुछ नहीं हो सकेगा।

बता दें कि गुजरात के हीरा कारोबार की बड़ी कंपनियों में शामिल हरी कृष्णा एक्पोर्ट्स प्रोफिट के लिए जूझ रही है। त्योहारी सीजन के बावजूद कंपनी को मांग में 30 फीसदी तक कमी का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक मंदी के कारण व्यापार की स्थिति तो यह है कि हीरा कारोबार से जुड़ी छोटी यूनिटों को अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करनी पड़ी है। इसके अलावा कंपनी द्वारा अपने काम के घंटों में भी कमी की गई है।

अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन आयोजित सेमिनार में हिस्सा लेने आए सूरत के अरबपति हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया के छोटे भाई घनश्याम ने कहा कि हीरा कारोबार में मंदी की स्थिति है। कारोबार की मांग में 25.30 फीसदी तक की गिरावट आयी है।

उन्होंने बताया कि हीरा पॉलिश के लिए अमेरिका और चीन हमारे देश के लिए बड़ा बाजार है लेकिन दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर के कारण अनिश्चितता का माहौल है और इसका साफ़ असर डिमांड पर देखने को मिल रहा है।

इसके बाद उन्होंने कहा कि हीरा यूनिटों ने अपना प्रोडक्शन घटा दिया है। सूरत के हीरा कारोबार में पिछले 7-8 महीने से गंभीर मंदी का दौर चल रहा है। यहां यूनिटें न सिर्फ काम के घंटों में कटौती कर रहीं हैं बल्कि कर्मचारियों को भी काम से निकाल रही हैं। उन्होंने बताया कि रविवार के अलावा हीरा यूनिटों में शनिवार को भी छुट्टी दी जा रही है।

आपको मालूम होगा कि सूरत में दुनिया की प्रमुख डायमंड प्रोसेसिंग सेंटर्स हैं। यहां से हीरा प्रोडक्शन का करीब 80 फीसदी हिस्सा निर्यात होता है। यहां करीब 3500 डायमंड प्रोसेसिंग यूनिटें हैं।

बता दें कि हरि कृष्णा एक्सपोर्ट के पास सूरत और मुंबई में 7500 हीरे के काम करने वाले कारीगर हैं। कंपनी का मुंबई में संचालन देखने वाले घनश्याम ने कहा कि इस बार शायद हम अपने वर्कर्स को कार और फ्लैट गिफ्ट में नहीं दे पाएंगे। कंपनी का बिजनेस इस महीने पूरी तरह से कमजोर रहा है।

साभारः #Jansatta