सुनार और उसकी खूबसूरत बाँझ बीवी का वाक़या, एक गुनाह की सज़ा ऐसी भी- देखें और शेयर करें

दोस्तों इस बात में कोई दो राय नहीं कि हमारे गुनाहों की सज़ा मौत से पहले हमें मिलनी ही है| कभी कभी कुछ ऐसे वाक़यात पेश आ जाते हैं जिनसे लोगों को सबक लेना चाहिए| आज ये दुनिया गुनाहों से भरी पड़ी है, ईमान इतना कमज़ोर हो चुका है कि मस्जिद से नमाज़ पड़ने के बाद लोगों का घर तक बेगुनाह पहुँचना भी मुश्किल हो गया है|

गुनाह का असर

इस कहानी में आपको जो पड़ने को मिलेगा वो वाकई में एक सीख तो है ही इसके साथ साथ अफ़सोस भी होता है, कि गुनाह की सज़ा किसे मिलना चाहिए थी और वो किसी और को किस शक्ल में मिली| खैर अल्लाह बड़ा मेहरबान है| वो जिसे चाहे बख्श दे, जिसे चाहे फना कर दे उसकी लाठी बेआवाज़ होती है, और जब किसी को देने पे आता है तो लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं कि फलां शख्श कल को क्या था और आज वो क्या है|

प्रतीकात्मक फोटो

अब देखें कहानी, बहुत पुराणी बात है एक सुनार था उसकी बीवी बहुत ही ख़ुबसुरत थी| शादी के कुछ सालों बाद भी इनके यहाँ कोई ओलाद नहीं हुयी| सुनार ने अपनी बीवी को कई बार अकेले में रोते हुए देखा था, लेकिन वो भी बेबस था| उसको समझ नहीं आ रहा था आखिर क्या किया जाय|

फिर एक दिन कुछ रिश्तेदारों के कहने पर सुनार और उसकी बीवी एक बच्चे को गोद लेने के लिए राजी हुए, वो इसीलिए कि अब उनका खाली घर उन दोनों को ही काटने खाने को दौड़ता| और सुनार के दूकान पर चले जाने के बाद बीवी को घर में बैचनी महसूस होती| एक दिन एक एक साल जैसा गुज़रता| तो दोनों ने सोचा की एक बच्चा घर में आ जायेगा तो उसका भी दिल लगा रहेगा और वो हमारे वंश को भी आगे बढ़ाएगा|

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सुनार और उसकी बीवी ने बच्चा गोद ले लिया था, वक़्त धीरे धीरे बीतने लगा| एक दिन की बात है जब सुनार अपनी दूकान पर गया हुआ था और जब दोपहर के वक़्त खाना खाने घर गया तो उसने देखा उसकी बीवी ज़रोकतार फूट फूट कर रो रही थी| सुनार ने पुछा क्या बात है तुम इस तरह से क्यों रो रही हो?

सुनार के बार बार पूछने पर बड़ी मुश्किल से उसने जो बताया उसे सुनकर सुनार का हलक मुहं को आ गया, उसकी बीवी ने सुनार से कहा जिस यतीम बच्चे को हमने ये सोचकर गोद लिया कि वो हमारी खुशियों की वजह बनेगा, और उसे हम एक काबिल इंसान बनायेंगे| लेकिन इसने जो आज मेरे साथ किया वो बेहद शर्मनाक था| जब मैंने उससे बाज़ार से सब्जी मंगवाई तो वो बाज़ार से सबज़ी ले कर आया तब उसने सब्जी मेरे हाथ में देते वक़्त मुझे गलत नियत से हाथों को सहलाने लगा, मझे आज पहली बार उसकी नियत में एक अजीब तरह का फितूर नज़र आया|

आपको बता दें कि सुनार का लड़का अब 18 साल का हो चुका था, और सुनार ने जैसे ही ये बात अपनी बीवी के मुहं से सूनी तो वो भी नीचे ज़मीन पर अपना सर पकधकर बैठ गया और रोने लगा| तो उसकी बीने ने कहा मुझे इस बात का गहरा सदमा पहुंचा है कि जिस बच्चे को हमने पाल पोस कर बडा किया और मैं उसके लिये माँ के बराबर थी उसी ने मेरे साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया? और आप क्यों रो रहे हैं?

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ये सुन कर सुनार ने रोते हुए बताया कि ये उसकी गलती नहीं है, ये मेरी की हुयी गलती का नतीजा था जो तुमने भुगता, तो सुनार की बीवी ने कहा ऐसा क्या गलती की थी आपने, तो सुनार ने बताया कि दरअसल आज मेरी दुकान पर एक नयी उम्र की औरत आई थी, जिसकी अभी अभी शादी हुयी थी और वो अपनी दूकान से चूड़ी ख़रीदने के बार उससे वो चूड़ी पहनी नहीं जा रही थी|

तब उसने बहुत कोशिश करने के बाद के बाद मुझसे कहा के क्या आप ज़रा ये चूड़ी मेरी कलाई में पहना देंगे, तो जैसे ही मैंने उसका गोरा मुलायम हाथ थामा तो मेरी नियत में खोट आ गया और मेने उस ओरत को चूड़ी पहनाने के बहाने कई बार उसका हाथ सहलाया|

इस गुनाह का बदला मुझे इस तरह से मिलेगा ये मैंने कभी ख्वाब में भी नही सोचा था| मैंने एक गैर मरहम पर नियात ख़राब करने उसका हाथ सहलाया तो खुदा देख रहा था उसने लगे हाथ मेरी बीवी का हाथ किसी और से सहलवा दिया, इतना कहते ही वो फिर से फूट फूट कर रोने लगा और अपने गुनाहों के लिए तौबा करने लगा| पसंद आये तो शेयर ज़रूर कीजिये ! शुक्रिया