हदीस: हुज़ूर (स.अ.व.) क़ुरान सिफारिश करने वाला है, और इसकी सिफारिश क़ुबूल की जाती है जो शख्स इसको अपने सामने रखेगा

रसूल-अल्लाह सलअल्लाहु अलैही वसल्लम ने फरमाया क़ुरान सिफारिश करने वाला है और इसकी सिफारिश क़ुबूल की जाती है जो शख्स इसको अपने सामने रखेगा उसको ये जन्नत की तरफ ले जाएगा और जो इसको अपनी पीठ के पीछे रख देगा उसको जहन्नम की तरफ हांक कर ले जाएगा. अल-सिलसिला-अस-साहिहा-2876

جابر‌رضی اللہ عنہ سے مروی ہے کہ نبی ‌صلی اللہ علیہ وسلم ‌نے فرمایا: قرآن سفارش کرنے والا ہے اور اس کی سفارش قبول کی جائے گی ۔ جو شخص اسے اپنے سامنے رکھے گا اسے جنت کی طرف لے جائے گا اور جو اسے اپنی پیٹھ کے پیچھے رکھ دیگا (یعنی نہیں پڑھےگا ) اسے جہنم کی طرف ہانک کر لے جائے گا
السلسلہ صحیحہ ۲۸۷۶

रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम जब हर नमाज़ के बाद सलाम फेरते तो ये कहते की

*لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ، وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ، وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهْوَ عَلَى كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ، اللَّهُمَّ لاَ مَانِعَ لِمَا أَعْطَيْتَ، وَلاَ مُعْطِيَ لِمَا مَنَعْتَ، وَلاَ يَنْفَعُ ذَا الْجَدِّ مِنْكَ الْجَدُّ

ला इलाहा इलअल्लाहु वाहदाहू ला शारिका लहू लहुल मुल्क , वा लहुल हम्द वा हुवा अल कुल्ली शयईन क़दीर अल्लाहुम्मा ला मानीअ लिमा आतयता, वा ला मुअतीया लीमा मनाअता वा ला यानफऊ ज़ाअल जद्दा मिनकल जद्द.

अनुवाद: अल्लाह के सिवा कोई माबूद नही है ,वो तन्हा है उसका कोई शरीक नही , मुल्क उसी के लिए है, और उसी के लिए तमाम तारीफें हैं और वो हर चीज़ पर क़ुदरत रखने वाला है,एह अल्लाह जो कुछ तू देना चाहे उसे कोई रोकने वाला नही, और जो कुछ तू रोकना चाहे उसे कोई देने वाला नही और तेरे सामने दौलत वालों की दौलत कुछ काम नही आ सकती. सही बुखारी, जिल्द 8, 6615

Narrated by Jabir Radi Allahu Anhu Rasool-Allah sallallahu alaihi wasallam said The Quran is an intercessor whose intercession will be accepted, Whoever puts it in front of him, it will lead him to Paradise, and whoever puts it behind his back, it will drive him to Hell. Al-Silsila-As-Sahiha-2876

Jabir Radi Allahu Anhu se rivayat hai ki Rasool-Allah sallallahu alaihi wasallam ne farmaya Quran sifarish karne wala hai aur iski sifarish qubulki jayegi jo shaks isko apne saamne rakhega usko ye jannat ki taraf le jayega aur jo isko apni peeth ke peeche rakh dega (yani nahi padhega) usko jahannam ki taraf hank kar le jayega. Al-Silsila-As-Sahiha-2876