हिंदू महासभा ने किया बड़ा ऐलान कहा- अयोध्या में राम मंदिर ई’ट या प’त्थर से नहीं बल्कि….

बाबरी मस्जिद और राम जन्म भूमि को लेकर आये दिन दोनों पक्षों से बयान आते रहते हैं इसी के चलते हाल ही में हिं’दू महासभा के स्वामी चक्रपाणि का बयान सामने आया है जिसमे गुरुवार को उन्होंने अपना बयान देते हुए कहा था कि अगर रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले में फैसला हिंदु’ओं के पक्ष में आता है तो अयोध्या में भगवान राम का एक भ’व्य मंदिर सोने के साथ बनाया जाएगा। स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि नवंबर के पहले हफ्ते में जैसे ही फैसला हिंदू महासभा और हिंदुओं के पक्ष में आ जाएगा, हमने फैसला किया कि मंदिर का निर्माण पत्थ’रों से नहीं बल्कि सोने की ई’टों से किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत और दुनियाभर के सनातन धर्मी हिंदू दान देंगे और सोने से राम मंदिर बनाया जाएगा। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सोमवार से रोजाना एक घंटा अतिरिक्त सुनवाई करने का फैसला किया है। सुनवाई में एक घंटा इसलिए बढ़ाया गया है, जिससे मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी की जा सके।

चीफ जस्टिस ने बताया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला का पत्र मिला है, जो तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल का नेतृत्व कर रहे है। उन्होंने कहा कि कुछ दलों ने मध्यस्थ’ता प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए उन्हें एक पत्र लिखा है।

इसी के चलते इस मामले की सुनवाई करने वाली पांच न्यायाधीशीय संविधान पीठ के अध्यक्ष सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि मामले में सुनवाई समाप्त करने के अनुमान के अनुसार हम कह सकते हैं कि 18 अक्टूबर तक प्रस्तुतियाँ पूरी होने की संभावना है। वह 17 नवंबर को कार्यालय का गठन करने के लिए तैयार हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। इसमें जस्टिस एस ए बोबडे जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़ जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं।