VIDEO: CAA पर बोल रहे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से भि’ड़ गए इतिहासकार इरफान हबीब, कहा- बंद करिए झूठे भाषण

नई दिल्लीः नागरिकता कानून को लेकर देश भर में जमकर बवा’ल के माचा हुआ है इस बीच केरल में भी एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दरअसल, शुक्रवार को केरल के कन्नूर में भारतीय इतिहास कांग्रेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी पहुंचे थे। इस दौरान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से इतिहासकार इरफान हबीब भि’ड़ गए. उन्होंने राज्यपाल पर गु’स्से का इजहार किया।

दरअसल, शुक्रवार को केरल के कन्नूर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पहुंचे थे। जब मोहम्मद खान भाषण देने मंच पर पहुंचे तो उनको विरो’ध का सामना करना पड़ा। उन्होंने सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन पर बोलना शुरू ही किया था कि तभी इतिहासकार इरफान हबीब उन्हें रोकने के लिए स्टेज पर पहुंच गए।

यह मामला तब हुआ जब वहां मौजूद सैकड़ों की संख्या में लोगों थे। खुद को रोके जाने की कोशिश करने पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि विरोध करने का हक सबको है लेकिन आप किसी को चुप नहीं करा सकते। बता दें कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को वहां मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

इस मामले के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक ट्वीट भी किया है, जिसपर उन्होंने मंच पर सुरक्षाकर्मि’यों से उल’झे इरफान हबीब की तस्वीर जारी की गई है. केरल गवर्नर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए ट्वीट में कहा गया है, इरफान हबीब ने राज्यपाल के उद्घाटन भाषण को बाधित करने की कोशिश की है।

वही राज्यपाल ने एक और ट्वीट किया जिसमे लिखा कि मैं पहले के वक्ताओं का जवाब दे रहा था और लोगों को संविधान की मूल भावना समझाने की कोशिश कर रहा था। मुझे मंच पर और सामने बैठे लोगों का विरोध झेलना पड़ा, मुझे बोलने से रोका गया। यह पूरी तरह से असंवैधानिक है और दूसरों की विचारधारा के खिला’फ असहिष्णुता को दर्शाता है।

 

उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद को कोट करने पर राज्यपाल के कहा कि उन्हें गोडसे को कोट करना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल के एडीसी और सुरक्षाकर्मी को ध’क्का भी दिया।

दरअसल, जब राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भारतीय इतिहास कांग्रेस के 80वें सत्र का उद्घाटन भाषण दे रहे थे, तो उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बोलना शुरू कर दिया, जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया इस दौरान इतिहासकार इरफान हबीब मंच पर चढ़ गए।