बड़ी खबर: सरिया, बालू, रेत समेत सभी बिल्डिंग मटेरियल के दामों में भारी गिरावट

अपना घर बनवाने वाले लोगों के लिए लम्बे समय के बाद एक रहत भरी खबर आ रही है. पिछले कुछ महीनों में डीज़ल-पेट्रोल के दामों में बेतहाशा वृद्धि होने के चलते सरिये का भाव आसमान छू गया था. अब सरिये के दामों में काफी गिरावट देखने को मिली है. इतना ही नहीं सरिये के दामों के अलावा और दूसरे बिल्डिंग मटेरियल भी थोड़ा सस्ते हुए हैं.

अगर हम अप्रैल 2022 के माह की बात करें तो सरिये के दाम 78,000 रुपेर प्रति तन तक पहुँच गए थे. फिर इसके कुछ समय के अंतराल पर ये भाव धीरे-धीरे काम होते चले आ रहे है. मई के महीने में भी सरिये के भाव 78 हज़ार रुपए प्रति तन से 62,000 हज़ार रुपए प्रति टन पर आ गए थे.

सरिया के भाव, इतने सस्ते किस वजह से हुए?

सरिया और अन्य बिल्डिंग मटेरियल के दामों के कम होने का मुख्य कारण यह रहा कि सबसे पहले सरकार ने घरेलू बाजार की कीमतें को नियंत्रित रखने के लिए, स्टील पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी जिसके कारण देश में से सरिया विदेशों में भेजना थोड़ा महंगा पड़ने लगा इसकी वजह से घरेलू बाजार में स्टील के उत्पादों को माल खपाने के लिए दाम काम करना पढ़े.

इसके अलावा देश में आसमान छूती महंगाई को कम करने के लिए सरकार ने डीजल और पेट्रोल पर टैक्स घटाया तो यह भी एक बड़ी वजह रही, जिससे ट्रांसपोर्टेशन में आने वाली लगत कुछ कम हुई है.

एक्सपोर्ट ड्यूटी क्या है? समझें आसान भाषा में

एक्सपोर्ट ड्यूटी को एक्साइज़ टैक्स के नाम से जाना जाता है. मतलब ये टैक्स किसी वस्तु के उत्पादन पर वसूला जाता है, और उस वस्तु का निर्माता उस पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा कर उसको रिटेल ग्राहकों को बेचता है.

तो इस तरह से अभी के मौजूदा समय में भवन निर्माण करवाने वाले लोगों को मकान बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे सरिया, लोहा, ईंट,बालू आदि के दाम में राहत मिली है.

वर्तमान मैं अब तक कितना गिर चुका है सरिये का भाव

सरिया की औसत खुदरा कीमत (रुपये प्रति टन):

  • नवंबर 2021: 70,000
  • दिसंबर 2021: 75,000
  • जनवरी 2022: 78,000
  • फरवरी 2022: 82,000
  • मार्च 2022: 83,000
  • अप्रैल 2022: 78,000
  • मई 2022 (शुरुआत): 71,000
  • मई 2022 (अंत): 62-63,000
  • जून 2022 (शुरुआत): 48-50,000
  • जून 2022 (09 जून): 47-48,000

भारत क प्रमुख शहरों मैं सरिये का भाव

  • दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल): 45,300- 44,200
  • कोलकाता (पश्चिम बंगाल):45,800-44,700
  • रायगढ़ (छत्तीसगढ़): 48,700-48,500
  • राउरकेला (ओडिशा): 50,000-49,500
  • नागपुर (महाराष्ट्र):  51,000-50,500
  • हैदराबाद (तेलंगाना): 52,000-52,000
  • जयपुर (राजस्थान): 52,200-52,700
  • भावनगर (गुजरात): 52,700-52,400
  • गाजियाबाद (UP): 53,000-53,400
  • इंदौर (मध्य प्रदेश): 53,500-53,700
  • चेन्नई (तमिलनाडु): 55,000-54,000
  • दिल्ली: 55,000-54,700
  • मुंबई (महाराष्ट्र): 55,200-54,100
  • कानपुर (उत्तर प्रदेश): 57,000-56,100