इजरायल ने ऐतिहासिक मस्जिद को नाईटक्लब में बदला, क़ुरआन की आयतों को भी हटाया

फिलिस्तीन और इजराइल के बीच काफी लंबे समय से तनाव बना हुआ है. इसी दौरान इजरायली बालों ने फिलिस्तीन की पाक जमीन पर अवैध रूप से अपने कब्जे में ले रखा हैं. इसके बाद से ही इजरायल लगातार तानाशाही कर रहा है. इजरायल फिलिस्तीनी जमीन पर बनी हुई मस्जिदों को लगातार बंद कर रखा है. हाल ही में इसका फिलिस्तीनी मुसलमानों ने जमकर विरोध भी किया था.

इस दौरान फिलिस्तीनी मुसलमानों और इजरायल के सुरक्षा बलों के बीच हिं$सक झड़प देखने को मिलती रही. जिसमें बड़ी तादात में इजरायल ने फिलिस्तीनी मुस्लिमों का खू$न बहाया और उनका क$ल्लेआम किया. इसके बाद अब एक बार फिर से इजरायली सरकार का एक और नापाक चेहरा दुनिया के सामने आ गया है.

हाल ही में इजरायली सरकार ने फ़िलिस्तीन के क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को नापाक हरकत करते हुए शराब ख़ाने में बदल दिया. गलफ़ न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक एक स्थानीय मुस्लिम अधिकारी ने यह जानकरी दी है.

उन्होंने बताया है कि उत्तरी फ़िलिस्तीन के क्षेत्र सफ़्द के स्थानीय प्रशासन द्वारा 13वीं सदी में निर्मित अलअहमर नामक मस्जिद को गुस्ताख हरकत करते हुए शराब ख़ाने और शादी हाल में बदल दिया गया है.

वहीं फ़िलिस्तीनी इस्लामी वक़्फ़ के सेक्रेट्ररी ख़ैर तबारी ने कहा कि मुझे बहुत अफ़सोस हुआ जब मैंने मस्जिद के अंदर होने वाली विध्वंसक कार्यवाहियां देखी. वहां मिंबर पर मौजूद क़ुरआनी आयतों के शिलालेख को हेब्रू में 10 आदेशों से बदल दिया हैं.

द न्यूज़ अरब नामक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक सफ़्द नामक क्षेत्र में मौजूद कई मस्जिदों की यही कहानी है. इजराइल सरकार लगातार मस्जिदों को शराब खाने और शादी हाल में बदल रही हैं. 1319 में बनाई गयी एक यूनानी मस्जिद को भी आर्ट गैली में बदलकर यहां उपासना करने पर बैन लगा दिया गया है.