कश्मीर में पाक ने नहीं बल्कि इंडियन एयर फ़ोर्स ने ही अपने Mi-17 हेलिकॉप्टर को मार गिराया था?, देखिए पूरी रिपोर्ट

नई दिल्‍ली: भारतीय वायुसेना ने अपने ही Mi-17 चॉपर पर मिसाइल दागने के मामले में 20 दिन के अंदर जांच पूरी होने की बात कही है. आपको बता दें कि भारत-पाक के बीच पुलवामा हम’ला और एयरस्ट्राइक को लेकर बने तनाव के बीच 27 फरवरी को बडगाम में यह घ’टना हुई है. इस घटना में एयरफोर्स के 6 जवान मा’रे गए थे.जबकि चॉपर क्रैश होने से एक स्थानिये नागरिक की मौ’त हो गई थी

आपको बता दें पाकिस्तान के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय Mi-17 चॉपर को भारतीय सेना की मिसाइल ने ही निशाना बनाया था। ये बात तो दबे मुंह पहले भी कही जाती रही है, लेकिन सरकार या सेना ने इस बात को स्वीकार नहीं किया था। आम चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब इस बात का सामने आना सवाल खड़े करता है।

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार Mi-17 को श्रीनगर एयरबेस से फा’यर की गई SPYDER मिसाइल ने ही उड़ाया था इसे लेकर कोई शक नहीं हैं. इंडियन एयरफोर्स के सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने लिखा है कि मिसाइल ने लॉन्‍च होने के सिर्फ 12 सेकेंड के अंदर ही चॉपर को निशाना बना लिया था।

केंद्र सरकार और सेना की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उस समय इसे आंतरिक जांच का विषय बताकर टाल दिया गया था। अब आम चुनावों के बाद ये बात सामने आ रही है। इसी घटना के दौरान कैप्टन अभिनंदन का मिग विमान पाकिस्तानी सेना का निशाना बना था। उस घटना में अभिनंदन की जान बच गई थी। और वे पाकिस्तान के कब्जे में जा पहुंचे थे।

दरअसल अभिनंदन वाले पूरे घटनाक्रम को मीडिया में बहुत ज्यादा तूल दिया गया, जिससे हेलीकॉप्टर की दुर्घटना वाली बात दबकर रह गई। अभिनंदन का पाकिस्तान की गिरफ्त में आना और फिर सकुशल भारत वापसी को लेकर सरकार ने जमकर अपनी पीठ थपथपाई थी।

सरकार ने राष्ट्रवाद की भावना के दोहन में कोई कसर नहीं छोड़ी। मीडिया में भी इसको जमकर भाव दिया गया था। लेकिन हेलीकॉप्टर दुर्घटना वाली बात पर्याप्त कवरेज ना मिलने के चलते आई-गई हो गई थी।

बताया जा रहा है कि शायद ये घटना भारतीय सेना के इतिहास में अपनी तरह के पहली सबसे बड़ी दुर्घटना है। जब आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि कर दी जाएगी तब कई बड़े और परेशान कर देने वाले सवाल खड़े होंगे।

भारतीय वायु सेना की प्राथमिक जांच रिपोर्ट से सामने आया है कि इस दौरान बहुत गंभीर किस्म की असावधानियां बरती गईं। ऑपरेशन के सामान्य मानकों का पालन भी नहीं किया गया।