मुहम्मद सलाह से प्रेरित होकर ब्रिटिश के मशहूर फुटबॉलर ने अपनाया इस्लाम

दुनिया भर से आये दिन किसी न किसी के इस्लाम में दाखिल होने की खबर आती रहती है| लोग इस्लाम की सच्चाई को जानकार उसमे दाखिल हो कर इस्लाम क़ुबूल कर रहे हैं| इस्लाम दुनिया का वो पाक साफ़ मज़हब है जिसमे राइ के दाने के बराबर भी झूट नहीं लेकिन दुनिया इस सच्चाई से दूर है पर अब धीरे धीरे जानने की कोशिश कर रही है| जो लोग इस्लाम की सच्चाई को जान जाते हैं वे फिर अपने गुनाहों से माफ़ी मांग कर इस्लाम अपना लेते हैं| ऐसा ही एक मामला फुटबॉल की दुनिया से सामने आया है जिसमे सिर्फ एक इस्लाम के मानने वाले को देख कर उसके किरदार से प्रेरित होकर इस्लाम धर्म अपना लिया|

आपको बता दें कि फुटबॉल की दुनिया में अपने नाम का झंडा गाड़ने वाले लिवरपूल स्टार फुटबॉलर मुहम्मद सलाह दुनियाभर में इस्लाम का प्रतीक बनकर उभर रहे हैं, उनके धर्म के प्रति लगाव से प्रेरित होकर एक फुटबॉलर से इस्लाम धर्म अपना कर मुसलमा’न हो गया है।

जानकारी के मुताबिक़ आपको बता दें कि इस्लाम में दाखिल होने वाले फुटबॉलर का नाम बेन है और वह ब्रिटेन के नागरिक हैं जिनका हमेशा से मुसलमा’नों के बारे में इस्लाम धर्म के बारे में नज़रिया गलत रहा है लेकिन जैसा हमने आपको बताया कि वह इस्लाम की सच्चाई से दूर थे| अब जब वह इस्लाम की सच्चाई जानी तो उन्होंने इस्लाम अपना लिया|

बता दें कि बेन अब मुसलमान बन चुके हैं और इस बारे में बेन ने बात करते हुए उन्होंने सही रास्ते पर उनका मार्गदर्शन करने के लिए मुहम्मद सलाह से मिल कर उनका शुक्रिया अदा करने की अपनी खवाहि’श जाहिर की है।

दुनिया भर के और लोगों की तरह इस्लामी संस्कृति के बारे में बेन के विचार भी भ्रामक थे और मु’स्लि’मों से नफरत करते थे। इस्लाम के बारे में उनके दिल में गलत धारणाएं भी बन गई थी। इसी के चलते बर्ड ने कहा कि जब वह पहली बार कॉलेज में एक मुस्लि’म से मिले थे तो उन्होंने सोचा था कि मु’सलमा’न बुरे होते हैं इनसे दूर रहना ही बेहतर है। हालाँकि, बाद में उन्होंने पाया कि वे सबसे नेक और सच्चे लोग हैं|

मीडिया से बात चीत में उन्होंने कहा की मोहम्मद सलाह जिस तरह से लोगों से बात करते हैं और लोग उनसे बात करते हैं, इस चीज से मैं बहुत प्रभावित हुआ हूँ। वहीँ दूसरी ओर बर्ड ने कहा की मैं अपने रोल मॉडल मुहम्मद सालाह के बारे में रिसर्च भी कर रहा हूँ।

उन्होंने बताया कि अपने रिसर्च के दौरान मुझे पता चला कि सलाहा ने आधी रात को एक आ#तंकवा’दी हम’ले के बाद वहां सुविधाओं को बहाल करने में मदद करने के लिए नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट NCI को 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का दान दिया था।