CAA और NRC को लेकर अब इन मुस्लि’म देशों ने उठाई आवाज, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को लेकर बड़ा दबाव

नई दिल्लीः नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ देशभर के अलग अलग हिस्सों में लोग सड़कों पर हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और दिल्ली समेत कई राज्यों में इसको लेकर हिं’सा साफ़ देखी जा रही है। नागरिकता क़ानून के विरोध में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कई गाड़ियों को आ’ग के हवाले कर दिया वहीं, कई जगहों पर विरोध प्रदर्शनों के बीच सबसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील रहा उत्तर प्रदेश जहाँ कई लोगो की मौ’त हो चुकी है।

अब नागरिकता कानून को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है। और इस विरोध-प्रदर्शन की आंच अब दुनिया भर के देशों तक जा पहुंची है। पिछले कई दिनों से जहाँ CAA को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसपर दुनियाभर का इंटरनेशनल मीडिया भारत की तरफ टकटकी लगाए देख रहा है इस वक्त भारत दुनिया की खबरों में छाया हुआ है।

दरअसल, कई देशों ने भी भारत सरकार से इस कानून को वापस लेने की अपील की है। साथ ही साथ मुस्लि’म हितों की रक्षा के लिए कई देशों ने प्रस्ताव भी पारित किए हैं। इसमें टर्की के साथ मलेशिया बांग्लादेश व पाकिस्तान, सहित अन्य देश है जो भारत के इस कानून को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।

आपको बता दें कई खाड़ी देशों ने भारत से अपने संबंधों को लेकर भी बात कही है। हल ही में मुस्लि’म देशों के सहयोगी संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने का फैसला किया है। जिसमे जम्मू कश्मीर के मुद्दे और बाबरी मस्जिद का मुद्दा सहित
हल ही में पारित हुए नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजिका पर चर्चा की जाएगी।

वही सबसे महत्वपूर्ण जिस तरह विदेशों में एनआरसी और सीए को लेकर भारतीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को धक्का लग रहा है. जिसको देखते हुए यूएन ने भी कई बड़े बयान जारी कर दिए हैं।

यूएन ने भारत सरकार से इस कानून पर विचार करने के लिए भी कहा है तो वहीं दूसरी तरफ कई देशों ने भारत के राजदूतों को बुलाकर इस विषय में बात की है वही सबसे अहम बात यह है कि अब धीरे-धीरे ज्यादातर मुस्लि’म देश भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।