कश्मीर के हालात से परेशान होकर इरफान पठान ने दिया बयान कहा- कश्मीर में कुछ भी…

जम्मू और कश्मीर से अनुछेद धारा 370 को मोदी सरकार द्वारा हटाए जाने के बाद से कश्मीर के हालात बुरे बताये जा रहे हैं| कश्मीर के इस मुद्दे को लेकर लोग दुनिया भर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं| जहां कुछ लोग इसको लेकर खुशिया मना रहे हैं तो कई लोग इसको लेकर अपनी नाराज़गी भी जाता रहे हैं| देश के कई बड़े और वरिष्ट नेताओं और सेलिब्रिटीज के भी अलग अलग बयान आ रहे हैं| जम्मू कश्मीर से अनुछेद धारा 370 और 35 A को हटाए हुए पूरा महीना हो गया है| सरकार ने जम्मू कश्मीर स ज्यादा तर प्रावधान वाले अधिकार खत्म कर उसे 2 केंद्रीय शासित राज्यों में बाँट दिया है|

बताया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर से अनुछेद धारा 370 को हटाने के बाद से वहाँ पर कर्फ्यू लगा हुआ है| सरकार ने वहाँ की सारी इंटरनेट और फ़ोन कॉल सेवायें बन करदी हैं और साथ ही साथ वहाँ के लोगों का लैंडलाइन कनेक्शन भी काट दिया है| वहाँ के लोग बेहाल और परेशान है| सरकार ने किसी भी बाहरी इंसान को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी है जहां तक के बाड़े बड़े नेताओं को भी इजाज़त नहीं है अंदर जाने की|

लेकिन फिर भी आपको बता दें कि कुछ विरिष्ठ लोगों और जिम्मेदार हस्तियों की तरफ से इसके खिलाफ खूब आवाज़ उठाई जा रही है| सोशल मीडिया पर इसके लिये ट्रंड चलाया जा रहा है और दुनिया के सामने कश्मीर के मुद्दे को लाने की कोशिश की जा रही है। इसी तरह से एक विरिष्ठ और जिम्मेदार इंसान का मामला सामने आया है जिसने कश्मीर के लोगों के लिए आवाज़ उठाई है|

बता दें कि यह शख्स भारतीय क्रिकेट टीम के मशहूर ऑलराउंडर इरफान पठान है| आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इरफान पठान का जम्मू कश्मीर से बड़ा मज़बूत रिश्ता है क्योंकि वो कश्मीरी नोजवानों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देते हैं और जम्मू कश्मीर क्रिकेट क्लब के मेंटोर की भूमिका भी निभाते हैं।

लेकिन राज्य में संचार के साधन ठप होने के बावजूद भी इरफ़ान पठान टीम को आगामी घरेलू सत्र के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर क्रिकेट संघ जेकेसीए ने स्थानीय टीवी चैनलों पर विज्ञापन देकर घाटी के अपने खिलाड़ियों से संपर्क साधने की कोशिश भी की है।

इरफ़ान पठान ने बताया कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है कि हम कश्मीर और इसके जिलों में खिलाड़ियों से संपर्क नहीं साध पा रहे हैं लेकिन हम जम्मू के खिलाड़ियों से संपर्क में हैं।

बताया जा रहा है कि कश्मीर में मौजूदा हालत के कारण फिटनेस शिविर में टीम को जो फायदा मिला था, वह बेकार हो गया है। बता दें कि पिछले 23 दिनों से जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और केंद्र शासित बनाए जाने के बाद से सावधानी बरतते हुए संचार माध्यमों को बंद रखा गया है।