VIDEO: इस ईद पर देशभर का मुसलमान बाज़ारों में नहीं सड़कों पर खड़ा है, जरूरतमंदों की दिल खोल के कर रहे हैं मदद

रमज़ान के माह के अंत में मनाए जाने वाले त्यौहार ईद-उल-फितर आने को ही है. लेकिन इस बार ईद कोरोना के कह’र के बीच मनाई जाएगी. फिर भी इस बार ईद की तैयारियों में कोई कमी नजर नहीं आ रही हैं. दुनिया भर में व्याप्त म’हामा’री कोरोना के चलते हालात ठीक नहीं है. देश में भी कोरोना के चलते लॉकडाउन लगाया गया है.

लॉकडाउन नाम की एक देशव्यापी तालाबंदी की मा’र भारत के गरीब वर्ग पर साफ तौर से देखी जा रही हैं. इसीलिए अब ईद की तैयारियों में जुटे मुस्लिम युवा इन लोगों की मदद के लिए लगातार आगे आ रहे है. इसी क्रम में मध्य प्रदेश के गुना जिले के मुस्लिम युवा ईद के लिए नए कपड़े खरीदने की जगह जरुरतमंद लोगों की सेवा करने में जुट गए है.

सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो और फोटो इन दिनों खूब वायरल हो रहे हैं. जिसमे मुस्लिम यूवा हाइवे से गुजरने वाले सैकड़ो प्रवासी मजदूरों को भोजन और पानी की व्यवस्था का इंतेजाम करते नज़र आ रहे है. कई मुस्लिम समाज के लोग हाथों ने बैनर लिए खड़े है. जहाँ हाइवे से गुजरने वाले ट्रक और बसों और अन्य बहानों को रोककर उन्हें खाना खिला रहे है.

 

बता दें पिछले कई दिनों से लगातार रोजे की हालत मे मुस्लिम समाज के नौजवन नेशनल हाईबे पर प्रवासी मजदूरो को पानी पाउच, मटर पुलाव पैकेट और सब्जी पूरी के पैकेट वितरित कर रहे है. उनका कहना है कि इस लॉकडाउन के चलते प्रवासी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है. रहने-खाने की संकट के कारण मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर है.

बता दें कोरोना वायरस के खतरे के बीच फिलहाल कुछ जगहों पर दुकानें खोलने की इजाजत भले ही मिल गई है, लेकिन इसका यह मतलब हरगिज नहीं है कि बीमारी खत्म हो गई है. इसलिए रूरत से ज्यादा खुशी जाहिर न करें अभी भी एहतियात बरतने की जरूरत है. वही गुना शहर काजी नूरउल्लाह यूसुफ जई ने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि इस वक्त हम एक बड़ी आजमाइश से गुजर रहे हैं।

सैकड़ो रोज खाने-कमाने वाले लोगों के पास खाने के लिए दो वक्त की रोटी नहीं है मजदूर तमाम परेशानियां उठाकर धूप में पैदल चल रहे हैं. जाने कितने लोग बीमारी और हादसों में अपनी जा’न गंवा चुके हैं. इसलिए हालातों को देखते हुए हम इस साल ईद सादगी के साथ मनाएं नए कपड़े व अन्य गैर जरूरी सामान की खरीदारी करने से बचें

आपको बता दें नए लॉकडाउन नियमों के बाद ज्यादातर राज्यों में बाजारों को समय सिमा के आधार पर खोले जा रहा है. लेकिन इसके बाद भी कई जगह के बाजार की सड़के खाली नजर आ रही हैं. लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद भी कई मुस्लिमों ने ईद के जश्न को सामान्य तरीके से नहीं मनाने का बड़ा और आवश्यक निर्णय लिया हैं.

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