इस मुस्लिम नेता ने जीता दुनियाभर के मुस्लिमों का दिल, कहा- फिलिस्तीन की दुश्मनों से हिफाज़त से बड़ा कोई…

इजराय’ल और फिलिस्तीन के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष ने अब तक कई जा’नें ले ली है. यरूशलेम को लेकर चल रे इस संघर्ष में सबसे ज्यादा प्रभावित भी यरूशलेम ही हो रहा है. यरूशलेम पर स्वामित्व की लड़ाई अब बढ़ने लगी है. इसी बीच जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने यरूशलेम को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही है.

जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय ने कहा है कि इजराय’ल-फिलिस्तीन के बीच के संघर्ष के चलते यरूशलेम को सुरक्षित रखने से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है. यह एक चुनौती है जिसे हमें स्वीकार करना होगा. उन्होंने यह बात इटली में लैम्प ऑफ पीस अवार्ड समारोह के दौरान बोलते हुए कही.

किंग अब्दुल्ला ने कहा कि कहीं भी यरूशलेम को सुरक्षित करने की तुलना में कार्य करना अधिक महत्वपूर्ण है. किंग अब्दुल्लाह ने कहा कि उनका देश 1967 की तर्ज पर पूर्वी यरुशलम को अपनी राजधानी के रूप में और एक सुरक्षित, स्वतंत्र, संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य के माध्यम से क्षेत्र के मुख्य संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए काम कर रहा है.

इजरा’यल अपने क्षेत्र का पूरी तरह से हिस्सा है और इसे दुनिया भर के अरब और मुस्लिम राज्यों द्वारा मान्यता प्राप्त है. मिडिल ईस्ट मॉनिटर के अनुसार उन्होंने कहा कि आज कहीं भी यरूशलेम को सुरक्षित करने की तुलना में कार्य करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.

यरूलेसम में मौजूद इस्लामिक और ईसाई पवित्र स्थलों के हसमाईट कस्टोडियन के रूप में है. हम सब इस पवित्र शहर की सुरक्षा और भविष्य के लिए एक विशेष व्यक्तिगत कर्तव्य से बंधे हैं. इस संघर्ष में दोनों के ही ऐतिहासिक स्थलों को क्षति हुई है.

जॉर्डन सक्रिय मुस्लिम और ईसाई पवित्र स्थलों के ऐतिहासिक नवीकरण में मदद करने में सक्रिय रूप से शामिल होगा. जिसमें चर्च ऑफ द होली सीपुलचर भी शामिल है. उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि प्रेम और सरोकार के पवित्र शहर को बांधता है.