यहाँ ईसाई बनाते हैं इफ्तारी, मुस्लिम पढ़ाते हैं नमाज और हिन्दू रखते हैं रोजा, दिखता है सौहार्द का नजारा

इफ्तारी बनाते हैं ईसाई, मुस्लिम पढ़ाते हैं नमाज और हिन्दू रखते हैं रोजा. हैरान हो गए ना

आप सोच रहे होगे ये हम क्या बता रहे है आपको? लेकिन ये कोई जुमला नहीं बल्कि हकीकत हैं. यह खूबसूरत नज़ारा आपको आगरा के प्रतापपुरा चौराहे पर स्थित दरगाह मरकज साबरी में देखने को मिलेगा. इस दरगाह में सर्वधर्म सद्भावना की ये नजीर देखने को मिलती है.

दरगाह में आने वाले लोगों में ज्यादातर लोग हिंदू होते हैं. जिन्होंने दिखा दिया है कि राम और रहीम में कोई फर्क नहीं होता हैं. इस दरगाह में हिंदू मुस्लिम और ईसाइयों की एकता का यह प्रेम देकर हर कोई हैरान रह जाता है. वैसे तो यह नज़ारा हमेशा ही देखने को मिलता है लेकिन रमजान के माह में ये नजारा बेहद सुहावना होता है.

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आपको बता दें कि यहां आने वाले 80 फीसद हिंदू हैं और वो जितनी शिद्दत के साथ नवरात्रि के व्रत रखते हैं, उतनी ही शिद्दत के साथ रमजान में रोजे रखते है और अपने मुसलमान भाइयों के साथ नमाज पढ़ने में भी पीछे नहीं रहते है. रमजान के हर रोज़ यहां इफ्तार में सिर्फ शाकाहारी व्यंजन ही बनता हैं.

इतना ही नहीं मुसलमान भाइयों को इफ्तार कराने के लिए हिंदू महिलाएं यहां पूड़ी और सब्जी बनाती हैं. पीर दरगाह की इंतजामिया कमिटी के सदस्य विजय जैन ने कहा कि हमारे पीर खुद भी मांसाहार पसंद नहीं करते थे. हालांकि इसके लिए वह कभी किसी को मना तो नहीं करते थे.

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लेकिन उनके बाद से भी कभी यहां किसी ने मांसाहार नहीं किया. विजय बताया कि वह खुद पिछले 25 साल से रोजा रखते आ रहे हैं. रमजान के माह के दौरान उन्हें तसबीह के मनके गिनते हुए अल्लाह का नाम लेते देखा जा सकता है. तमाम हिंदुओं के साथ विजय भी शाम को नमाज पढने के बाद इफ्तार में शरीक होते हैं.