वाक़या ए मुहम्मद: जब एक प्याले दूध से चालीस भूखे लोगों का पेट भर गया, देखें और शेयर करें

हजरत अली रिवायत करते हैं कि अब्दुल मुत्तलिब के खानदान में चालीस आदमी थे,इनमें कुछ लोग इतने मज़बूत और ताक़तवर थे कि एक अकेला आदमी पूरी बकरी खा जाता और आठ सैर दूध पी जाता था.

नबी ऐ करीम सल्लाहु अलैयही वसल्लम ने आधा सैर आटा पक्वाया और तमाम लोगो (40 लोगो)ने पेट भर के खाया और फिर भी रोटी बची रही।

फिर नबी सल्लाहु अलय्ही वसल्लम ने तीन चार आदमियों के पीने के लायक़ एक बड़े प्याले में दूध मंगाया और सबको बुलाया और उन तमाम लोगों ने खूब जी भरके दूध पिया लेकिन फिर भी दूध बच गया जैसे किसी ने उसमें से पिया ही नहीं.

ज़ूर (स.अ.व.) ने फरमाया अंधेरे में मस्जिद जाने वालों को खुशख़बरी दे दो, क़यामत के दिन उनको बुरेदा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया अंधेरे में मस्जिद में जाने वालों को खुशख़बरी दे दो की उनके लिए क़यामत के दिन मुकम्मल नूर होगा. सुनन अबू दाऊद, जिल्द 1, 559-सही

तशरिह : उलमाओं का कहना है की इस हदीस में अंधेरे से मुराद ईशा और फजर के वक़्त का अंधेरा है, यानी इन दोनो नमाज़ों को पाबंदी से जमात के साथ पढ़ने वालो के लिए ये खुशख़बरी है. दलील अल-फ़ातीहीन (3/558-559