जब कोई मोमीन झूठ बोलता है तो एक मील दूर तक फरिश्ते उस इंसान की बदबू से…

हदीसों में ये बयान है कि क़यामत उस वक़्त तक नहीं आयेगी आएगी जब तक इस जमीन पर कोई एक भी अल्लाह का नाम लेने वाला ना होगा| एक हदीस से कौल है कि जब अल्लाह का बंदा झूठ बोलता है तो उसकी बदबू से फरिश्ते एक मील दूर तक हट कर दूर हो जाते हैं| अल्लाह की याद और अमल सालेह के लिए नियत लाजिम है। बहुत जगह जरूरत की एक हद है, मगर हिर्स की कोई हद नहीं|

ईमान वालों के लिए ये नुकसानदायक है

लोग अपने काम धंदे में तमाम सारे दिन झूट बोलना, लोगों से बेइमानियाँ करना अपने ग्राहकों को धोखे से माल बेचना ये सब आ बात हो गयी है| लेकिन एक मोमीन के लिए उसकी रोजी रोटी की बरकत का सिर्फ और सिर्फ एक ही जरिया है और वो है अल्लाह को राजी करना| और अल्लाह राजी होते हैं ईमान पर चलने रोज़े नमाज़ की पाबंदियों से|

The Islamic Pic

बहादुरी यह के कमजोर होने के बावजूद दूसरों को अपनी कमजोरी का एहसास मत होने दो। कामयाबी के उसूल के लिए जरूरी है कि कामयाबी हासिल करने का एहसास दिल में जिंदा रखा जाए। अल्लाह वाले बात-बात पर तकलीफ का इज़हार नहीं करते|

So You Think Muslims Are Being Tried

जिसका कोई मकसद नहीं उसकी कोई मंजिल नहीं। सख्तियां इंसान को ताकतवर बना देती है, अगर इंसान को सब्र करने की ताकत हासिल हो। शख्सियत की नशोनुमा उस वक्त रूकती है जब इंसान अपने आप को काबिल समझता है। कोशिश तुम्हारा काम है और नतीजा निकालना अल्लाह का काम है|

शेखी इंसान के दिल में चुपके से पैदा होती है, उसे बर्बाद कर देती है और उसे पता भी नहीं चलता। तुम जिस काम की जिम्मेदारी उठाओगे तुम्हारा जेहन उसके लिए ही काम करेगा|

Allah ke rasool ne kaha bachchon ko salam

दुनिया में जिल्लत की हजारों सुरते हैं, लेकिन उनमें से जिल्लते कर्ज सबसे सख्त -तर हे। तुम्हारा कर्ज ख्वाह तुम्हारी सेहत चाहेगा और तुम्हारा मकबूल तुम्हारी मौत|

बीमार तो सो भी जाता है ,मगर मक़रूज़ उसको नींद नहीं आती अकलमंद वो है जो कम बोले और ज्यादा सुनें जो शख़्श इल्म रखता हे लेकिन अमल नहीं करता उस मरीज के मानिद हे जो दवा तो रखता है इस्तेमाल नहीं करता। अपनी जरूरत को महदूद कर लेना ही बड़ी दौलत|

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