सबूत न मिलने के अभाव में 23 साल से जेल में बन्द 6 मुसलमा’नों को अदालत ने किया बरी

नई दिल्लीः करीब 23 साल जेल में कड़ी मशक्कत झेलने वाले छह मुस्लि’म पुरुषों को बरी कर दिया है, बता दें 23 साल पहले राजस्थान के दौसा के समलेटी में रोडवेज बस में हुए ब’म विस्फो’ट मामले में हाईकोर्ट ने अब्दुल हमीद को फां’सी और पप्पू को आजीवन कारावा’स की सजा को बरकरार रखते हुए शेष छह आरोपियों को बरी कर दिया. बरी किए गए आरोपियों में जावेद खान अब्दु’ल गनी लतीफ अहमद मिर्जा निसार हुसैन मोहम्म’द अली भ’ट्ट और रईस बे’ग शामिल हैं।

22 मई, 1996 को राजस्थान के दौसा जिले के महवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामलेटी के पास करीब शाम 4 बजे आगरा जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक राजस्थान द्वारा संचालित ब’स में वि’स्फो’ट होने से जयपुर और भरतपुर के लोगों सहित 14 यात्रियों की जा’न चली गई और करीबन 39 यात्री घाय’ल हो गए थे। पिछले 23 साल से जमानत नहीं मिलने पर सभी लोग जेल में बंद थे। उन्हें 2014 में एक स्थानीय अदालत ने दो’षी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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अब इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोमवार को अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा विस्फो’ट को अंजाम देने की साजि’श के साथ किसी भी संबंध को साबित करने में विफल रहा है। और अदालत ने उन्हें बरी कर दिया अपने अरोपों से बरी होने के बाद मंगलवार को ये लोग जयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए।

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द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार रोडवेज ब’म ब्ला’स्ट मामले में साजि’श के आरोप में सला’खों के पीछे रहे इन लोगों का कहना था कि वे बरी तो कर दिए गए लेकिन उनके 23 साल कौन लौटाएगा वे एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे लेकिन अपराध शाखा ने उन्हें मामले में आरोपी बना दिया।

उन्हें दिल्ली और अहमदाबाद की जेलों में रखा गया था. पैरोल या जमानत पर भी रिहा नहीं किया गया था. बेग आगरा का रहने वाला है जबकि गनी जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले का बाशिंदा है. अन्य लोग श्रीनगर के रहने वाले हैं।

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