बाबरी मस्जिद केस लड़ रहे वकील राजीव धवन को जमीयत ने हटाया, फेसबुक पर छलका दर्द

नई दिल्लीः अयोध्या मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य मुस्लि’म पक्ष की तरफ से न्यायालय में पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन को मामले से हटा दिया गया है। राजीव धवन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, मुझे एडवोकेट ऑन रिकॉ’र्ड और जमीयत का प्रतिनिधित्व करने वाले एजाज मकबूल ने बाबरी मामले से हटा दिया है। मैंने बिना आपत्ति के उन्हें खुद को हटाए जाने के निर्णय को स्वीकार करते हुए औ’पचारि’क पत्र भेज दिया है। आपको बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोमवार को अयोध्या मामले पर आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है।

आपको बता दें दशकों पुराने इस अयोध्या केस में 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवा’दित जमीन ट्रस्ट को मंदिर बनाने के लिए दे दिया था साथ ही अयोध्या में प्रमुख स्थान पर मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित करने का फैसला सुनाया था।

जमीयत ने वकील राजीव धवन को अयोध्या केस से हटाया

आपको बता दें मंगलवार में मुस्लि’म पक्ष के वकील राजीव धवन को केस से हटा दिए जाने के बाद उन्होंने लिखा, मैं अब पुनर्विचार याचिका या मामले का हिस्सा नहीं हूं। मुझे बताया गया है कि मदनी ने मेरी ब’र्खास्त’गी के बारे में कहा है। मेरी तबीयत खराब होने की वजह से मुझे मामले से हटाया गया है। यह पूरी तरह से बकवास है।

धवन से जब उन्हें अयोध्या मामले पर दायर पुनर्विचार याचिका से हटाने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि उनकी क्या मजबूरी थी लेकिन उन्होंने मुझे मेरी ब’र्खास्त’गी की पुष्टि कर दी है। अब वह कह रहे हैं कि मैं बीमार हूं या अनुपलब्ध था। यह एक झूठ है।

जमीयत की याचिका में कहा गया है कि विवा’दित स्थल को हिंदुओं को देना एक मायने में बाबरी मस्जिद को तोड़ने का इनाम है। याचिका में मांग की गई है कि पूर्ण न्याय के लिए बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण हो।

उल्लेखनीय है कि अयोध्या केस की आखिरी सुनवाई के दिन सुप्रीम कोर्ट में धवन ने एक नक्शा फाड़ दिया था, जो अयोध्या से संबंधित था। इसके बाद उनकी हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह से बह’स भी हो गई थी, जिस पर तत्का’ली’न चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने नाराज’गी जताई थी।