जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने शुरुआत की दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम संघठन बनाने की

दुनियाभर में मशहूर जमीयत उलेमा-ए-हिंद इस्लामिक संगठन ने भारत से शुरुआत की दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम संगठन बनाने की. फिलहाल जमियत देशभर के मुस्लिम युवाओं को लेकर एक बड़े संगठन की शुरुआत कर रहा है.

इसकी जानकारी तब सामने आये जब देश के अलग अलग राज्यों के कुछ युवाओं द्वारा एक टुकड़ी की प्रदर्शन ट्रेनिंग का विडियो सोशल मीडिया के ज़रिये सामने आया. बताया जा रहा है इस तंजीम को 5 बड़े राज्यों के 16 जिलों के नौजवान मुस्लिम युवाओं को खास ट्रेनिंग भी दी गई है.

इस संगठन ने दावा किया है कि संगठन के कार्यकर्ता देशभर में आम जनता के लिए और मुस्लिम समाज के लिए उनके हितों की रक्षा करना, किसी भी विपदा के समय या फिर देश के युवाओं की बेहतर प्रगति के लिए अलग-अलग तरीकों से सकारात्मक दिशा में काम करेगा.

जमीयत यूथ क्लब संगठन

ये संगठन जमीयत यूथ क्लब संगठन के नाम से बनाया गया है. और इसका पहला उद्देश्य आम लोगों के लिए मदद अ होगा. जमीयत यूथ क्लब नाम के इस संगठन का लक्ष्य प्रती वर्ष लगभग 12.30 लाख युवाओं को जोड़कर, आने वाले समय में सन 2028 तक इसको लगभग सवा करोड़ सदस्यों को शामिल करना है.

भारत के सबसे बड़े इस्लामिक केंद्र देवबंद के पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात समेत अलग-अलग राज्यों में से कुछ युवाओं के जत्थे का प्रदर्शन करने के दौरान ट्रेनिंग की झलक दिखा दी है.

जमीयत यूथ क्लब नाम के इस संगठन की शुरुआत होने के बाद से ही भारतीय मीडिया इसको एक नकारात्मक रूप में पेश कर रही है. विडियो में कुछ दुसरे संगठन जिस तरह से हाथों में तलवार, फरसे और लाठियां लेकर चलते हैं इस तरह का तो कोई इस संगठन का काम नहीं है.

गौरतलब है की पिछले कुछ सैलून से देशभर में तमाम संगठन बन चुके हैं या पहले से हैं. जो देश के अमन और चैन, देश की शांती व्यवस्था के लिए एक खतरा बन चुके हैं. यहाँ तक की कई मुस्लिम नौजवानों की इन्होने जान ली है. देश में मोब लीचिंग इसका ही एक रूप देखने को मिल रहा है.

किसी भी मुसीबत से प्राथमिकता से निपटने के लिए ये संगठन लोगों की हर संभव मदद करेगा. साथ ही बेगुनाह लोगों को जो ज़ुल्म के शिकार हुए हैं उनको इन्साफ दिलाने के लिए भी ये काम करेगा. हालांकी देश की बिकाऊ मीडिया की नींदें हराम हो चुकीं हैं. इसको लेकर वो अभी से नकारात्मक ख़बरें गढ़ रहे हैं.