VIDEO: JNU वि’वाद, कन्हैया ने सरकार पर कसा तंज, 3000 कं’डोम ढूंढ लिए लेकिन जेएनयू से लापता…

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार को हुए नकाबपोशों गुं’डे के द्वारा हुई मा’रपी’ट का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। लेकिन घ’टना को लेकर उल्टा दिल्ली पुलिस ने ही जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आयशी घोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज जरूर कर लिया है।

दरअसल, जेएनयू पीड़ित छात्रों के समर्थन में मंगलवार को JNU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार विश्वविद्यालय पहुंचे और छात्रों को संबोधित किया। कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जेएनयू को गा’ली देकर और आरोप लगाकर देश की समस्या खत्म नहीं होगी। कन्हैया ने कहा कि जो लोग लापता नजीब अहमद को नहीं ढूंढ पाये वो जेएनयू में 3000 कं’डोम ढूंढ लिये।

कन्हैया ने कहा कि आप हमें जितनी गा’ली देनी है दे लो, देश विरोधी भी कहना है तो कह लो। लेकिन एक बात कहना चाहूंगा कि ये आपके बच्चों को नौकरी दिलाने में मदद नहीं करेगा। और इससे आपकी सुरक्षा भी नहीं होगी। न ही इससे आपको मूलभूत सुविघाएं मिलेंगी। मैं आपनी कुंठा को समझ सकता हूं। जेएनयू में एडमिशन पाना आसान नहीं होता है।

वही गुमशुदा छात्र नजीब अहमद को लेकर कन्हैया ने कहा कि पुलिस आज तक लापता नजीब को नहीं ढूंढ सके। लेकिन जेएनयू के कूड़ाघर से उन्होंने 3000 कं’डोम ढूंढ लिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं उन लोगों ने इसे गिना कैसे होगा।

बता दें कि साल 2016 के अक्टूबर में नजीब लापता हो गया। दो साल जांच के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। सीबीआई ने मामले की जांच की और उसके बारे में कुछ भी पता न चलने पर केस को बंद कर दिया।

 

वर्ष 2016 में बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने जेएनयू को लेकर कहा था कि वहां हर रोज तीन हजार बीयर की बोतलें, दो सौ शराब की बोतलें, दस हजार सिगरेट की बट, चार हजार बीड़ी, पचास हजार ह’ड्डी के टुकड़े, दो हजार चिप्स के खाली पैकेट, पांच सौ अ’बॉर्श’न के इंजेक्शन और तीन हजार कं’डोम मिल जाएंगे।

कन्हैया ने पीएम मोदी और सांसदों पर तंज कसते हुए कहा कि आप सरकारी बंगले में रहते हैं, सरकारी गाड़ी से चलते हैं, सरकारी हवाई जहाजों में उड़ान भरते हैं लेकिन आपको सरकारी संस्थान जैसे जेएनयू नहीं चाहिए। आपको जियो इंस्टीच्यूट चाहिए। ये विश्वासघा’त है। आपकी ये जिम्मेदारी बनती है कि जेएनयू जैसे संस्थान को सही तरीके से चलाएं।