ये मुसलमान, जिनको हज करने पर रोक है

यह तो आप अच्छी तरह से जानते हैं कि, दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के लोग हर साल लाखों की तादाद में हज करने के लिए सऊदी अरब में मक्का-मदीना के लिए जाते हैं| और इस बार भी हज पर जाने के लिए ये यात्रा 9 अगस्त से शुरू होगी| दुनिया भर के मुसलमान लोगों के पवित्र केंद्र स्थल काबा इस्लाम धर्म और दुनिया भर के मुसलमानों के लिए काफी एहम है| इस तरह का अनुमान लगाया जाता है कि, हर साल हज यात्रा पर दुनिया भर से तकरीबन 20 लाख से भी ज्यादा मुसलमान सऊदी अरब जाते हैं|

इस्लाम को पांच स्तंभों के आधार पर बताया गया है| और इनमें से हज यात्रा पांचवा स्तम्भ के अंतर्गत आता है| ऐसी मान्यता है कि हज यात्रा पर आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमान को अपने जीवन में एक बार जरूर इस यात्रा पर जाना चाहिए| वहीं दूसरी ओर किसी भी तरह का कर्ज लेकर हज यात्रा पर जाना सख्त मनाही है|

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जब मुस्लिम समुदाय के लोग हज यात्रा से लौट कर वापस आते हैं, तो वह अपनी हैसियत के अनुसार अपने समुदाय को दावत करते हैं| एक छोटे से समारोह के रूप में यह होता है|

प्रत्येक मुसलमान जो हज यात्रा पर जाता है, वह यात्रा संपूर्ण करने के बाद वहां से आबे ज़मज़म का पानी और खजूर जरूर साथ में लेकर आता है| और अपने रिश्तेदारों और दोस्तों में यह खजूर और आबे जमजम का पानी वितरित कर दिए जाते हैं|

वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से सक्षम लोग अपने मिलने वालों के लिए कई तरह के तोहफे इत्यादि खरीद कर लाते हैं| जैसे नमाज पढ़ने के लिए मुसल्ला, दातुन करने के लिए मिस्वाक य दूसरे अन्य मुस्लिम धर्म से जुड़ी किताबें तस्वीर या अन्य दूसरे और सामान|

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दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के कई पंथ या जिन्हें आमतौर पर बोलचाल की भाषा में फ़िरका कहा जाता है| इनमे कई मुस्लिम समुदाय बंटे हुए हैं| और इन्हीं फिरकों में से एक है अहमदिया फ़िरका ऐसा कहा जाता है कि सऊदी के लोग इन्हें मुसलमान नहीं मानते हैं|

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अहमदिया फिरके के मुसलमानों की मानता कुछ ऐसी है जिसकी वजह से दूसरे गैर अहमदिया फिरके के लोग उनको मुसलमान नहीं मानते| और अहमदिया समुदाय के मुसलमानों को सऊदी अरब में हज करने पर पाबंदी है|

अगर वह हज करने के लिए मक्का पहुंच जाते हैं तो उन्हें वहां गिरफ्तारी का डर और डिपॉट होने का खतरा रहता है| इस बात का खुलासा तब हुआ जब बीते साल बीबीसी की टीम एक ऐसे शख्स से मिली जिसने सऊदी सरकार से चोरी छुपे हज यात्रा की|

बीबीसी की टीम को उसने बताया की हर समय मेरे दिमाग में एक डर का माहौल तो था, लेकिन साथ ही मैं अपनी खुशी जाहिर नहीं कर पा रहा था| क्योंकि मैं अल्लाह के उस घर में था जहां वह तो अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं एक मुसलमान हूं|

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बीबीसी की टीम ने जिन से बात की उन्होंने अपने काफी रोचक अनुभव हज यात्रा के दौरान बताएं इसके अलावा एक इंटरव्यू में ब्रिटेन की एक मस्जिद के इमाम बताते हैं कि कुछ देशों और संगठनों ने हमें गैर मुसलमान घोषित किया है|

हालांकि यह उनकी राय है हमें किसी तरह की किस कोई दिक्कत नहीं है लेकिन यह थोड़ा मामला उस वक्त पेचीदा हो जाता है जब हम अहमदिया समुदाय के लोग हज करने के लिए जाते हैं|