जो भी इन 12 घंटों के अन्दर नमाज़ पढ़ेगा और कोई खैर माँगे, तो अल्लाह सुबहानहु उसको ज़रूर…

एक हदीस से रिवायत है की यह 12 घंटे ऐसे हैं जिनके अंदर अगर कोई मुसलमान भाई या बहन नमाज पढ़ने के बाद अल्लाह रब्बुल आलमीन से कोई दुआ या हेयर मांगे सोला उसे जरूर पूरी करते हैं बशर्ते वह किसी नेक नियत है भलाई के लिए मांगी गई हो नमाज़ में पढ़ने का सिला तो आपको वैसे भी मिलता ही है पर ऐसा देश में जिस तरह से बयान दिया गया है उसका खास असर होता है हदीस नीचे दी गई है.

अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की अबू अल-क़ासिम (यानी रसूल-अल्लाह) सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया ज़ूमा में एक घड़ी ऐसी आती है की जो मुसलमान भी उस वक़्त खड़ा होकर नमाज़ पढ़े और अल्लाह से कोई खैर माँगे तो अल्लाह सुबहानहु उसको ज़रूर देगा. सही बुखारी, जिल्द 6, 5294

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एक हदीस से रिवायत है की जुम्मे के दिन इन 12 घंटों के अंदर अगर अल्लाह पाक से आप कुछ मांगोगे तो जुम्मे के दिन के यह 12 घंटे आपके लिए बहुत कीमती हैं. बशर्ते आपने इसके लिए सच्चे दिल से और पाक रूह होकर मांगा हो और बताया जाता है कि असर के बाद नमाज मांगी गई दुआ कभी खाली नहीं जाती इसमें भी नेक नियति का होना बहुत जरूरी है.

जाबिर रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया ज़ूमा का दिन 12 घंटे का है जिसमे कोई मोमीन बंदा अल्लाह सुबहानहु से कुछ माँगे तो अल्लाह उसको ज़रूर अता फरमाते है , तुम लोग उसको असर के बाद आखरी वक़्त में तलाश करो. सुनन नसाई, जिल्द1,1392-सही

अनस बिन मलिक रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया ज़ूमा के दिन (दुआ क़ुबूल होने की) वो मुबारक घड़ी को असर और गुरुब ए आफताब (यानि मगरिब) के दरमियान तलाश करो.
जामिया तिरमिज़ी, जिल्द 1, 471-सही

ابوالقاسم (یعنی رسول الله) صلى الله عليه وسلم نے فرمایا جمعہ میں ایک گھڑی ایسی آتی ہے جو مسلمان بھی اس وقت کھڑا نماز پڑھے اور اللہ سے کوئی خیر مانگے تو اللہ اسے ضرور دے گا ۔
صحیح بخاری جلد ٦ – ٥٢٩٤

سیدنا جابر بن عبداللہ رضی اللہ عنہما راوی ہیں کہ رسول اللہ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا جمعہ کے دن میں بارہ گھڑیاں ہیں ، جو بھی مسلمان اس حالت میں پایا جائے کہ اللہ تعالیٰ سے کوئی سوال کرتا ہو تو اللہ تعالیٰ اسے وہ چیز عنایت فرما دیتا ہے ، لہٰذا اسے عصر کے بعد کی آخری ساعت میں تلاش کرو ۔
سنن نسائی جلد ١ – ١٣٩٢ صحیح

انس بن مالک رضی اللہ عنه سے روایت ہے کی رسول اللہ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا جمہ کے دن اس مبارک گھڑی کو عصر اور غروب آفتاب (یعنی مغرب ) کے درمیان تلاش کرو
جامہ ترمزی جلد ١-٤٧١ صحیح