बड़ी खबर: मालेगांव ब्ला’स्ट की आ’रोपी, बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को कोर्ट ने दिया तगड़ा झटका

एनआईए की विशेष कोर्ट ने मालेगांव ब्ला’स्ट की आरोपी भोपाल से बीजेपी संसद प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी आ’रोपि’यों को हर हफ्ते कोर्ट में हाजिरी लगाने का आदेश दिया है। मा’ले’गांव के’स की सुनवाई के दौरान प्रज्ञा समेत दूसरे आ’रो’पियों के गायब रहने पर कोर्ट ने ना’रा’जगी जताई। मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।

आपको बता दें प्रज्ञा ठाकुर को कोर्ट ने स्वास्थ्य सम्बन्धी कारणों के चलते जमानत दी थी। जमानत मिलने के बाद बीजेपी ने प्रज्ञा को मध्य प्रदेश के भोपाल लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। हाल ही में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देश भक्त बताने वाले बयान पर प्रज्ञा ठाकुर विवादों में फंस गयी थीं। जिसके बाद बीजेपी ने सफाई देते हुए कहा था कि ये उनका निजी बयान है इसका पार्टी की विचारधारा से कोई लेना देना हैं।

गौरतलब है कि साल 2008 में रमजान के पवित्र महीने में म’हा’राष्ट्र के मा’लेगां’व के अं’जुमन चौक और भी’खू चौक पर सिलसिलेवार ब’म ध’मा’कों में छह लो’गों की मौ’त हुई थी, जबकि 101 लो’ग घा’य’ल हुए थे। शुरूआती जांच में यह बात सामने आई थी कि इन ध’मा’कों में एक मोटरसाइकिल प्रयोग की गई थी, जो सा’ध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाम पर थी।

इस मामले में 13 मई 2016 को एनआईए द्वारा जारी के गयी एक नई चार्जशीट में रमेश शिवाजी उपाध्याय, समीर शरद कुलकर्णी, अजय राहिरकर, राकेश धावड़े, जगदीश महात्रे, कर्नल प्रसाद श्री’कां’त पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी उर्फ स्वामी दयानंद पांडे सुधाकर चतुर्वेदी, रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे के खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा किया था।

जबकि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, शिव नारायण कालसांगरा, श्याम भवरलाल साहू, प्रवीण टक्कलकी, लोकेश शर्मा, धानसिंह चौधरी के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक सबूत नहीं होने की बात कही गई।