ये बाबा तो आसाराम और राम रहीम का बा’प भी निकला, 25 हजार में देते थे विशेष दर्शन

भारत में कई तरहे के धर्म को मानने वाले है। यहाँ धर्म कोई भी हो लेकिन हर इंसान आस्तिक होता है भगवान् को मानता है उसकी पूजा अर्चना करता है लेकिन कुछ ढों’गी बाबा बन कर लोगों की श्र’द्धा का फायदा उठाते हैं| अं’द्विश्वा’स फैला कर लोगों की श्र’द्धा से व्यापार कर अपना पेट और तिजोरि’यां भरते हैं| आये दिन ढों’गी बाबाओं के पकडे जाने की खबरें आती रहती हैं जो कभी तो दु’ष्क’र्म की होती है तो कभी लोगों को बेवक़ूफ़ बनाने की| ऐसी ही एक और खबर सामने आयी है जिसके चलते खुद को भगवन कहने वाले ढों’गी का IT ने पर्दाफाश किया है|

दरअसल स्वयं को कल्कि भगवान केहेलवाने वाले विजय कुमार नायडू के यहां इनकम टैक्स ड‍िपार्टमेंट ने गुरुवार को छा’पा मा’रा जिसके बाद अब कल्कि भगवान और उसके लड़के कृष्णा के चार राज्यों के आश्रम इस रे’ड की जद में हैं|

आपको बता दें कि कल्कि भगवान के आश्रम का जा’ल तम‍िलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में फैला था जहां अभी भी ‘रेड चल रही है| वहीँ, कल्क‍ि भगवान के 40 ठ‍िकानों पर रे’ड जारी है ज‍िनमें उनके नाम पर बनी एक यून‍िवर्सिटी और एक आध्यात्मिक स्कूल शाम‍िल है|

जानकारी के मुताबिक़ कल्कि भगवान का मुख्य आश्रम आंध्र प्रदेश में च‍ि’त्तूर ज‍िल के वैरादेहपलेम में है| इनकम टैक्स ड‍िपार्टमेंट ने मुख्य आश्रम के कैं’ पस को चारों तरफ से कवर कर ल‍िया जिसके कारण अब यहां से न तो कोई न‍िकल सकता है और न कोई अंदर आ सकता है|

इनकम टैक्स ड‍िपार्टमेंट के सूत्रों के मुताबिक़, आश्रम के ऊपर जमीनों को हड़प’ने और कर चो’री करने के आरोप हैं| इसके अलावा कल्क‍ि ट्र’स्ट के फंड को लेकर भी यहा का मैनेजमेंट न‍िशा’ने पर बना हुआ है| जिसके चलते प्रारंभ‍ि’क र‍िपोर्ट के आधार पर आईटी ड‍िपार्टमेंट कल्‍क‍ि आश्रम ट्रस्ट के मैनेजर लोकेश देसाजी से व‍ित्तीय लेन देन को लेकर पूछताछ कर रहे हैं|

जानकारी के लिए बता दें कि एलआईसी में क्लर्क के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले विजय कुमार नायडू उर्फ कल्कि भगवान ने बाद में नौकरी छोड़कर एक एजुकेशन संस्थान की स्थापना की लेकिन संस्था’न का दिवालि’या निकल जाने की वजह से वह भूमि’गत हो गया और अपने आप को विष्णु के दसवें अवतार कल्कि भगवान बताते हुए विजय कुमार 1989 में फिर से चि’त्तू’र में प्रक’ट हुए|

इसके बाद उन्होंने अपने आश्रम की गत‍ि’व‍िध‍ियों का विस्तार आंध्र प्रदेश सहित तमिलनाडु में किया| कल्कि भगवान अपने और पत्नी पद्माव’ती को दै’व स्वरूप बताते थे| इन आश्रमों में देश के ध’नी लोगों के अलावा विदेशी और एनआरआ’ई की कता’रें लगती थी|

आपको बता दें कि कल्कि भगवान के साधारण दर्शन के लिए 5 हजार और विशेष दर्शन के लिए 25 हजार रुपए देने पड़ते थे लेकिन इन सब के चलते अब कल्कि भगवान के साथ उनके बेटे कृष्णा के खिला’फ सैकड़ों एकड़ जमीनों पर कब्जा कर रियल एस्टेट कारोबार करने की शिका’यत दर्ज है|

जिसके चलते 2010 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए थे| वहीँ दूसरी ओर 2008 में चित्तू’र जिले के कल्कि आश्रम में मची भगद’ड़ में पांच लोगों की मौ’त हो हो गयी थी साथ ही कई लोग घाय’ल भी हुए थे जिसकी वजह से कुछ दिनों तक आश्रम बं’द करना पड़ा था|

साभारः #AajTak