कश्मीरी छात्रों की मदद के लिए आगे आये सिख, गुरूद्वारे में किया खाने और रहने का इंतज़ाम

जम्मूकश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देश भर में आक्रोश है. लेकिन कुछ लोगों द्वारा देश की जनता में आतं$कवाद को लेकर जो गुस्सा है उसका गलत इस्लेमाल किया जा रहा है. पुलवामा हमले के बाद से ही देश भर के कई हिस्सों में कश्मीर छात्रों और अन्य कश्मीरी लोगों के साथ बुरे वर्ताव किया जा रहा है. कश्मीरीयों को लगातार हमले की खबरें सामने आ रही है. कश्मीरी छात्र लगातार इन लोगों से परेशान है और इनकी दहशत और समस्या से जूझ रहे है. कश्मीरी छात्रों में डर का माहौल बना हुआ है.

कई कश्मीरी अपने आप को ज्यादा से ज्यादा समय तक कमरों में बंद रखने को मजबूर हो रहे है. जिसके चलते सैकड़ों की तादात में कश्मीरी छात्र वापस कश्मीर लौटने को मजबूर हो रहा है. लेकिन अब इस दहशत और समस्या से गुजर रहे कश्मीर छात्रों के लिए पंजाब के सिख समुदाय ने एक अनूठी पहल की है.

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उत्तराखंड के देहरादून में पढाई करने के लिए रह रहे कश्मीरी छात्रों पर हमले की आशंका को देखते हुए खालसा एड इंटरनेशनल के युवाओं ने कश्मीरियों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है. सिख युवाओं ने चिंतित और सहमे हुए कश्मीरी छात्रों के रहने, खाने और उनके आने-जाने के लिए भी व्यवस्था की है.

सिख युवाओं की इस मदद से सभी छात्र अब खुद को महफूज़ महसूस कर रहे हैं. इसके आलावा कई गुरुद्वारे भी कश्मीरी छात्रों की सहायता के लिए आगे आ रहे है. पिछले 5 दिनों से पंजाब के दो गुरुद्वारों की समिति और एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ खालसा एड ने परेशान कश्मीरी छात्रों के लिए रहने और खाने का इंतज़ाम किया है.

इसके अलावा सोहना और मोहाली के फेज 3 बी 2 में स्थित गुरुद्वारे में भी कुछ संगठनों के लोगों से परेशान कश्मीरी छात्रों के निवास की व्यवस्था की गई हैं.  वहीं इन छात्रों को हवाई जहाज के माध्यम से सुरक्षित श्रीनगर पहुँचाने के लिए खालसा एड और जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन चंदा इकठ्ठा करने में जुटी हुई है.

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इसे लेकर देहरादून के एक निजी कॉलेज में पढाई कर रहे एक कश्मीरी छात्र ख्वाजा इतरात ने बताया कि पंजाब एक शांतिपूर्ण राज्य है हम यहां पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे है. जबकि देहरादून में हमें आतं$की हमले के बाद से ही रोज धमकियों दी जा रही है. हमें इस तरह निशाना बनाया जा रहा था जैसे हम आतं$की है या फिर आतं$की हमले के पीछे सारे कश्मीरियों का हाथ है.