लखनऊ KGMU के डॉक्टरों ने लिखा खत कहा- एक दिन की सैलरी ले लो सुरक्षा किट दे दो, मरीजों की जांच करने में…

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी पर देश को संबोधित करते हुए जनता से अपील की थी वह संकट कोविड-19 जैसी महामारी से लड़ रहे डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों का शुक्रियाअदा करें। जिसके लिए पिछले 22 मार्च रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ लगाया गया और रविवार की शाम 5 बजे अपने घरों में बर्तन, ताली और थाली बजाकर उनका शुक्रिया अदा किया।

लेकिन देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तर प्रदेश की जमीनी हकीकत कुछ और ही है कि कोविड-19 के जारी संकट से लड़ रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास खुद के लिए जरूरी सुरक्षा किट व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण या पीपीई पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं है.जिसकी वह लगातार मांग कर रहे है।

आपको बता दें स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग दिन-रात कोरोना की महामारी से देश को बचाने के लिए लोगों का इलाज कर रहे हैं। लेकिन इलाज करने के लिए डॉक्टरों के पास ज़रूरी किट तक नहीं है। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुरक्षा किट मांग रहे हैं, योगी सरकार उन्हें मुहैया नहीं करवा पा रही है।

लेकिन कोरोना की इस महामारी को लेकर योगी सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर योगी के दावे दम तोड़ते दिखाई दे रहे है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग दिन-रात कोरोना की महामारी से देश को बचाने के लिए लोगों का इलाज कर रहे हैं। लेकिन इलाज करने के लिए डॉक्टरों के पास ज़रूरी किट तक नहीं है।

लखनऊ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) के डॉक्टर सुरक्षा किट मांग रहे हैं, योगी सरकार उन्हें मुहैया नहीं करवा पा रही है। केजीएमयू के स्थायी डॉक्टर, नर्स, ग्रेड सी और डी के सभी कर्मचारी अपनी एक दिन की सैलरी देकर सुरक्षा किट मंगवाने जा रहे हैं।

ये हालात राजधानी लखनऊ की है जहां कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री खुद कमान संभाल रखी है। इन हालातो को देखते हुए आप प्रदेश के अन्य छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं की हालत का अंदाजा लगा सकते है।

समाजवादी पार्टी ने इस मामले पर ट्वीट करके कहा है कि, चिकित्सकों को सुरक्षा किट ना मिलने सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। सरकार डॉक्टर्स को सुरक्षा किट तत्काल मुहैया कराए।